आगरालीक्स…आगरा बनेगा फूड प्रोसेसिंग उद्योग का सबसे बड़ा मंच, 14, 15 और 16 जून को फूड एक्सपो एंड कॉन्क्लेव 2026 की घोषणा. आगरा में जुटेंगे देशभर के उद्यमी. यूपी की उत्तर प्रदेश की ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था को गति देने का होगा काम
उत्तर प्रदेश के खाद्य प्रसंस्करण उद्योग को नई दिशा देने और पश्चिमी उत्तर प्रदेश को फूड प्रोसेसिंग हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए चैंबर ऑफ फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (सीएफपीआई) ने बुधवार को होटल हॉलिडे इन में आयोजित भव्य उद्घोषणा समारोह में ‘उत्तर प्रदेश फूड एक्सपो एंड कॉन्क्लेव 2026’ की औपचारिक घोषणा की। हरिनाम संकीर्तन एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। इस अवसर पर मुख्य अतिथि उपायुक्त उद्योग शैलेंद्र सिंह, सीएफपीआई के अध्यक्ष राजकुमार भगत, लघु उद्योग भारती के जिलाध्यक्ष विजय गुप्ता, नेशनल चैंबर इंडस्ट्री एंड कॉमर्स के अध्यक्ष मनोज बंसल, आगरा कोल्ड स्टोरेज ओनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष भुवेश अग्रवाल, सीएफपीआई के महासचिव अनुज सिंघल, राजीव बंसल, सचिन गोयल, विनय अग्रवाल, सीताराम अग्रवाल उपस्थित थे।
कार्यक्रम की रूपरेखा रखते हुए अध्यक्ष राजकुमार भगत ने बताया कि आयोजन का मुख्य उद्देश्य उत्तर प्रदेश विशेषकर पश्चिम उत्तर प्रदेश के खाद्य प्रसंस्करण उद्योग को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाना है। इससे स्थानीय उत्पादों को वैश्विक पहचान मिलेगी तथा युवाओं के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। आगरा के परंपरागत उत्पादों एवं स्थानीय खाद्य विरासत को भी विशेष रूप से प्रदर्शित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि फूड एक्सपो एंड कॉन्क्लेव 2026 का आयोजन आगामी 14, 15 एवं 16 जून 2026 को होटल जेपी पैलेस, आगरा में प्रतिदिन प्रातः 11 बजे से सायं 6 बजे तक किया जाएगा। इस बार आयोजन को पूर्व वर्षों की तुलना में और अधिक भव्य स्वरूप प्रदान किया गया है। विगत वर्ष जहां 80 से अधिक स्टॉल लगाए गए थे, वहीं इस वर्ष 150 से अधिक स्टॉल लगाए जाएंगे। आयोजन में आगरा, उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों सहित कर्नाटक समेत देश के कई राज्यों की कंपनियां भाग लेंगी। अभी तक 8,000 से अधिक प्रतिभागियों का पंजीकरण हो चुका है।
मुख्य अतिथि उपायुक्त उद्योग शैलेंद्र सिंह ने बताया कि प्रदेश सरकार और चैंबर ऑफ फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्री एसोसिएशन लगातार एक ही दिशा में कार्यरत है। प्रदेश को आर्थिक रूप से सशक्त करना दोनों का ही मूल उद्देश्य है। आगरा के खाद्य प्रसंस्करण उद्योग की विविधता को देखते हुए प्रदेश सरकार की एक जिला एक व्यंजन योजना की लॉन्चिंग फूड एक्सपो और कॉन्क्लेव में की जाएगी।तीन दिवसीय एग्जीबिशन एवं कॉन्फ्रेंस
कार्यक्रम का संचालन करते हुए कन्वीनर मनीष अग्रवाल रावी ने कहा कि फूड एक्सपो एंड कॉन्क्लेव 2026 तीन दिवसीय एग्जीबिशन एवं कॉन्फ्रेंस के रूप में आयोजित किया जाएगा, जिसमें सात राज्यों से 150 से अधिक कंपनियां फूड प्रोसेसिंग मशीनरी, पैकेजिंग टेक्नोलॉजी, कोल्ड चेन, वेयरहाउसिंग, फूड सेफ्टी, इनोवेशन एवं आधुनिक तकनीकों से जुड़े उत्पादों और सेवाओं का प्रदर्शन करेंगी। तीन दिवसीय फूड एक्सपो और कॉन्क्लेव के दौरान भारत सरकार एवं उत्तर प्रदेश सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा विशेष सत्र। बैंकिंग एवं वित्तीय संस्थानों द्वारा उद्यमियों के लिए ऋण, सब्सिडी एवं निवेश योजनाओं की जानकारी। फूड सेक्टर में उत्कृष्ट कार्य करने वाली इकाइयों का सम्मान समारोह। राष्ट्रीय विशेषज्ञों द्वारा पैकेजिंग, मशीनरी, फूड शेल्फ लाइफ, गुणवत्ता नियंत्रण एवं नई तकनीकों पर तकनीकी सत्र। कोल्ड चेन, वेयरहाउसिंग एवं कृषि आधारित उद्योगों की विशेष प्रदर्शनी।
प्रमुख सहयोगी संस्थाएं
आयोजन में भारत सरकार के एमएसएमई मंत्रालय, उत्तर प्रदेश सरकार के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम एवं निर्यात प्रोत्साहन विभाग, एपीडा, लघु उद्योग भारती, नेशनल चैंबर ऑफ इंडस्ट्रीज एंड कॉमर्स तथा विभिन्न औद्योगिक एवं व्यापारिक संगठनों का सहयोग प्राप्त होगा।
इन्होंने रखे विचार
मनोज बंसल, अध्यक्ष, नेशनल चैंबर ऑफ इंडस्ट्रीज एंड कॉमर्स, आगरा ने कहा कि उत्तर प्रदेश कृषि उत्पादन का अग्रणी राज्य है और कृषि उत्पादों को आधुनिक प्रसंस्करण एवं पैकेजिंग से जोड़कर वैश्विक बाजारों तक पहुंचाया जा सकता है। विजय गुप्ता, जिलाध्यक्ष, लघु उद्योग भारती ने कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश कृषि प्रधान क्षेत्र है और फूड प्रोसेसिंग उद्योग किसानों को उनके उत्पादों का उचित मूल्य दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने कहा कि लघु उद्योग भारती इस आयोजन की प्रमुख सहयोगी संस्था के रूप में सक्रिय भूमिका निभा रही है।
भुवेश अग्रवाल, अध्यक्ष, आगरा कोल्ड स्टोरेज ओनर्स एसोसिएशन ने कहा कि कोल्ड चेन एवं वेयरहाउसिंग खाद्य प्रसंस्करण उद्योग की रीढ़ हैं। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में आलू उत्पादन की व्यापक संभावनाओं को देखते हुए आलू आधारित प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना किसानों और व्यापारियों दोनों के लिए लाभकारी सिद्ध होगी।
अनुज सिंघल, महासचिव ने बताया कि आयोजन की तैयारियां युद्धस्तर पर चल रही हैं और यह आयोजन आगरा के खाद्य प्रसंस्करण उद्योग को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का माध्यम बनेगा।
ये रहे उपस्थित
इस अवसर पर सीएफपीआई के उपाध्यक्ष आशीष गर्ग, सचिव विकास चतुर्वेदी, विवेक अग्रवाल और शैलेश अग्रवाल, सहयोगी सचिन अग्रवाल, कार्यकारिणी सदस्य अभिषेक चौरसिया, जय अग्रवाल, संदीप काइला, सौरभ अग्रवाल, राजेश भल्ला, ध्रुव अग्रवाल, वैभव खंडेलवाल, सिद्धार्थ मित्तल, नेशनल चैंबर के पूर्व अध्यक्ष संजय गोयल, सीताराम अग्रवाल, उपाध्यक्ष विवेक जैन, सीएफपीआई के एडमिनिस्ट्रेटर अपरार्क शर्मा, दिलीप कुमार, अनिल सविता, राम शर्मा आदि उपस्थित रहे।