आगरालीक्स… आगरा के दयालाबाग शिक्षण संस्थान में फाउंडर्स डे पर शहरवासियों को आमंत्रित किया गया। यहां छात्रों ने ऐसा हेलमेट बनाया है, जिसे पहने बिना बाइक स्टार्ट नहीं होगी। हालांकि यह मॉडल है, यह काम बडे स्तर पर आॅटोमोबाइल कंपनी कर सकती हैं। वे अपनी गाडी में सेंसर लगाकर हेलमेट को जरूरी बना सकती हैं, इसके बाद दोपहिया वाहन स्टार्ट नहीं हो सकेगा।
टेक्निकल कैंपस के छात्रों ने बनाया हेलमेट
दयालबाग शिक्षण संस्थान,(टेक्निकल कॉलेज) के वोकेशनल ऑटो मोबाइल(डिप्लोमा फ़हीनल ईयर)के छात्र अभिनव श्रोत्रिय,सौरभ लवानिया,एवं अभिषेक शर्मा, ने *दो पहिया वाहनों से होने वाली दुघर्टना के लिए हेलमेट बनाया है। जब तक आप हेलमेट नहीं पहनेंगे, गाड़ी का इंजन स्टार्ट नहीं होगा, इसके लिए हेमलेट और गाडी के इंजन में सेन्सर सिस्टम फिट किया गया है।
आगरा में हेलमेट के बिना एंट्री नहीं
आगरा में हेलमेट पहनने की मुहिम को सख्ती से अमल में लाया जा रहा है, अब आगरा की सीमा में हेलमेट के बिना दोपहिया वाहन प्रवेश नहीं कर सकेंगे।31 जनवरी से शहर को जोड़ रहीं सीमाओं पर भी नो हेलमेट नो एंट्री व्यवस्था लागू की जा रही है। शाहदरा चुंगी, रुनकता, रोहता नहर और पथौली नहर पर पुलिस बैरियर लगाकर दो पहिया वाहनों को रोकेगी।
एसएसपी अमित पाठक के निर्देशों पर ट्रैफिक पुलिस ने पिछले दिनों एमजी रोड पर नो हेलमेट नो एंट्री व्यवस्था लागू कर दी है। क्लब चौराहा और भगवान टॉकीज पर बैरियर लगाकर दो पहिया वाहन चालकों को एमजी रोड पर प्रवेश नहीं करने दिया जा रहा। इसके साथ ही दस प्रमुख कॉन्वेंट स्कूलों के गेट पर अभियान चलाया गया। छात्रों को चेतावनी कार्ड दिए। अभिभावकों को बच्चों को सॉरी बोलने को कहा।
31 जनवरी से हेलमेट के बिना एंट्री पर रोक
ट्रैफिक इंस्पेक्टर टीबी सिंह ने बताया कि 31 जनवरी से सुबह नौ बजे से शाहदरा चुंगी, रुनकता, पथौली नहर और रोहता नहर पर बैरियर लगा दिए जाएंगे। बिना हेलमेट एक भी वाहन को शहर में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा। इसके साथ ही शहर के सभी प्रमुख चौराहों पर चेकिंग अभियान भी चलाया जाएगा।
यमुना एक्सप्रेस वे पर 100 से ज्यादा की स्पीड पर दौड रहे वाहन
आगरालीक्स डॉट कॉम को सिटीजन जर्नलिस्ट ने वीडियो भेजा है, इसमें बाइक 100 किलोमीटर प्रति घंटा से अधिक की स्पीड पर यमुना एक्सप्रेस वे पर दौड रही है। बाइक की स्पीड बताने के लिए वीडियो में उन्होंने अपनी गाडी के स्पीडोमीटर को भी दिखाया है, यह 100 की स्पीड पर है। यमुना एक्सप्रेसवे पर हादसे का एक बडा कारण अधिक स्पीड में वाहन चलाना भी है। इसके लिए चालान भी किए जाते हैं लेकिन यह प्रक्रिया प्रभावी नहीं है।