आगरालीक्स… आगरा के डॉ भीमराव अंबेडकर विवि का बडा मामला सामने आने के बाद आठ हजार शिक्षकों के एप्रूवल निरस्त कर दिए हैं। इन शिक्षकों के नाम एक से अधिक कॉलेज में दर्ज थे और पांच साल का एप्रूवल का समय पूरा होने के बाद भी अध्यापन कार्य कर रहे थे। इन कॉलेजों में 30 जून तक विवि से एप्रूव्ड शिक्षक नहीं रखे तो एक जुलाई से प्रवेश प्रक्रिया पर रोक लगा दी जाएगी।
विवि से 950 संबदृध हैं, इनमें 10 हजार शिक्षकों के नाम दर्ज हैं। इन कॉलेजों से विवि प्रशासन ने शिक्षकों का ब्योरा लिया था, इसकी जांच में सामने आया कि एक शिक्षक के नाम कई कॉलेजों में दर्ज कर दिए गए हैं। इस तरह 10 हजार में से आठ हजार शिक्षकों के अनुमोदन को विवि ने जांच के बाद निरस्त कर दिया है। इसमें 204 कॉलेजों को 2015 से केवल एक वर्ष की मान्यता दी गई थी । 309 कॉलेज ऐसे हैं जिसमें निरीक्षण मंडल रिपोर्ट के बाद कमियां पाई गई। 157 बीएड कॉलेजों की भी अस्थाई मान्यता बढाई गई थी, जबकि 46 बीड कॉलेज को 10 मार्च तक अपना पैनल जमा कराने के निर्देश दिए हैं। अन्य 280 कॉलेज ऐसे भी हैं इनमें अंडर ग्रेजुएट, पोस्ट ग्रेजुएट या टेक्निकल कोर्स संचालित है उन्हें भी इसी श्रेणी में रखा गया है।
4 महीने का दिया समय
विवि प्रशासन ने शिक्षकों का अनुमोदन निरस्त करते हुए 900 कॉलेज संचालकों को चार महीने का समय दिया है। इस दौरान कॉलेज संचालकों को ए्प्रूव्ड शिक्षक सहित अन्य मानक पूरे करने हैं, इसके बाद ही इन कॉलेजों को मान्यता दी जाएगी। ऐसा न करने पर एक जुलाई से इन कॉलेजों में प्रवेश पर रोक लगा दी है।