आगरालीक्स.. आगरा में स्कूल जा रही छात्रा के साथ छेडछाड की, छात्रा के विरोध करने पर फायरिंग कर दी, भीड ने एक को पकडकर लगाई धुनाई, पुलिस मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की धरपकड के प्रयास में जुटी है।
आगरा के सदर क्षेत्र की कक्षा सात की छात्रा शनिवार सुबह अपने भाई के साथ स्कूल जा रही थी। रास्ते में उसे तीन युवकों ने पकड लिया और उसे खींचकर अपने साथ गाडी में ले जाने लगे। छात्रा ने विरोध किया तो उसके साथ मारपीट कर दी, उसके भाई को भी पीटा। छात्रा के विरोध करने पर युवकों ने फायरिंग कर दी। इससे छात्रा और उसका भाई दहशत में आ गया। फायरिंग की आवाज सुनकर स्थानीय लोग आ गए।
भीड ने एक युवक को दबोचा
छात्रा से छेडखानी करने पर स्थानीय लोग आ गए। भीड ने एक युवक को दबोच लिया, उसकी जमकर धुनाई लगाई। उसके दो साथी फायरिंग करते हुए फरार हो गए। पुलिस ने बताया कि शाकिर को पकड लिया है, उसकी साथी अमन खान और अमानत भाग गए। मुकदमा दर्ज किया गया है, दोनों आरोपियों की धरपकड के प्रयास किए जा रहे हैं।
शिक्षिका पर समाजसेवी के बेटे ने किए भददे कमेंट
आगरा में रात को घर लौट रही शिक्षिका पर समाजसेवी के बेटे ने भददे कमेंट और इशारे किए, शिक्षिका ने उसकी कार के फोटो लेकर सोशल मीडिया पर डाल दिया। इसके बाद समाजसेवी का बेटा अपनी मां को लेकर शिक्षिका के घर पहुंचा और मांफी मांगने लगा।
आगरा के दयालबाग मार्ग पर रात 11 30 बबजे एक शिक्षिका अपने पिता के साथ कार से घर लौट रही थी। उसके आगे कार चल रही थी, कार चला रहे युवक ने शिक्षिका की कार के लिए साइड नहीं दी, आगे जाकर उसने कार रोक ली और भददे कमेंट व इशारे करने लगा। इस पर शिक्षिका ने कार के फोटो ले लिए, इन पफोटो सोशल मीडिया पर शेयर कर दिया। शिक्षिका ने युवक द्वारा किए गए भददे कमेंट का जिक्र करते हुए पूरा घटनाक्रम लिखा। कार के नंबर से युवक की पहचान हो गई, वह एक समाजसेवी का बेटा था। उनके पास फोन आने लगे। इससे युवक के परिजनों के होश उड गए।
मां को लेकर माफी मांगने शिक्षिका के घर पहुंचा युवक
सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर होने के बाद पिछले दिनों मीडिया कर्मी युवती के पर भददे कमेंट करने पर पकडे गए युवकों से युवक के होश उड गए। मामला समाजसेवी के बेटे से जुडा हुआ था, इस मामले में समझौते के प्रयास किए गए। युवक को लेकर उसकी मां शिक्षिका के घर पहुंची, उससे माफी मांगी , इसके बाद शिक्षिका ने कार्रवाई नहीं की।
थाना पुलिस ने मीडिया को बताया कि पीड़ित पक्ष मुकदमा नहीं लिखाना चाहता था। दोनों पक्षों में समझौता हो गया। तहरीर मिलती तो पुलिस आरोपित के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाता।
फाइल फोटो