आगरालीक्स… आगरा में डॉक्टरों ने कहा कि त्वचा को फ्रेश रखने के लिए पर्याप्त मात्रा में आॅक्सीजन जरूरी है, लेकिन लगातार बढ रहे प्रदूषण के कारण त्वचा अपनी चमक खो रही है। ऐसे में आॅक्सीजन पंप और मास्क की सहायता ली जा सकती है। सुंदर दिखने के लिए लोग तरह-तरह के नुस्खे अपनाते हैं, चाहे वह महिलाएं हों या पुरुष, लेकिन क्या वे तरीके स्वस्थ होते हैं। यह जानना बहुत जरूरी है क्योंकि खूबसूरती तभी अच्छी लगती है जब आप पूरी तरह स्वस्थ हों। आगरा में सुंदरता, स्वास्थ्य और खुशी के सम्मिश्रण पर एक कार्यशाला आयोजित हुई। इसमें विशेषज्ञों ने शहरवासियों को सुंदरता के साथ सेहतमंद और खुश रहने के तरीके बताए।
रेनबो हॉस्पिटल के सभागार में आम शहरवासियों के लिए सुंदरता, स्वास्थ्य और खुशी पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। सुबह 11 से अपराहन 1.30 बजे तक आयोजित कार्यशाला में मुंबई से आर्इं बॉलीवुड फेम कॉस्मेटोलॉजिस्ट नीलम गुलाटी ने बताया कि चेहरे की ढीली त्वचा, झुर्रियां एवं चमक खोती त्वचा किसी भी व्यक्ति को चिंतित कर सकती है। आधुनिकता के इस दौर में सभी ढलती उम्र में भी जवान, फिट एवं तरोताजा दिखना चाहते हैं। वह भी किसी तकलीफदायक सर्जरी से गुजरे बिना। उन्होंने बताया कि चेहरे एवं शरीर की ढीली त्वचा में कसावट लाने एवं अनचाही चर्बी को कम करने की कई नई तकनीकें अब उपलब्ध हैं। कॉस्मेटोलॉजी विज्ञान के नए आविष्कारों द्वारा यह काफी हद तक संभव हो पाया है। उन्होंने कहा कि रक्त में मौजूद ग्रोथ फैक्टर (पीआरपी) तकनीक से गंजेपन को दूर किया जा सकता है। इतना ही नहीं चेहरे की झाईयां और झुर्रियां भी मुंहासों के निशान भी ग्रोथ फैक्टर से गायब हो जाते हैं।
दिल्ली से आर्इं डायटीशियन डा बेला मोहन ने बताया कि प्रदूषण और हैवी मैटल युक्त सस्ते कैमिकल प्रोडक्ट युवावस्था में ही त्वचा को बीमार कर रहे हैं। इसलिए जरूरी है कि फास्ट फूड से तौबा कर संतुलित और पौष्टिक आहार के साथ प्रदूषित वातावरण से बचा जाए। फॉग्सी की अध्यक्ष एवं रेनबो आईवीएफ कीं निदेशक डा. जयदीप मल्होत्रा ने बताया कि देश में महिलाओं का स्वास्थ्य और खुशी इस वर्ष के मुख्य एजेंडों में शामिल है। यही वजह है कि देश भर में महिलाओं के लिए अदभुत मातृत्व, अक्षया जीवन और समर्थ जैसी तमाम योजनाएं लागू की गई हैं। रेनबो हॉस्पिटल के निदेशक डा. नरेंद्र मल्होत्रा ने बताया कि चिकित्सा और इलाज से इतर लोगों को आंतरिक रूप से मजबूत बनाने और बीमारियों से बचाव की कला सिखाने के लिए हमारे प्रयास अनवरत जारी हैं। यही वजह है कि रेनबो हॉस्पिटल में महीने में कम से कम एक बार इस तरह का कोई आयोजन आम नागरिकों, यहां के डॉक्टरों एवं स्टॉफ के लिए किया जाता है।
इस अवसर पर डा. निहारिका मल्होत्रा, डा. ऋषभ बोरा, डा. केशव मल्होत्रा, अस्पताल के मेडिकल सुप्रिटेंडेंट डा. राजीव लोचन शर्मा, डा. मनप्रीत शर्मा, डा. शैली गुप्ता, डा. दीक्षा गोस्वामी, डा. शैमी बंसल, महाप्रबंधक राकेश आहूजा, लवकेश गौतम, अमृतपाल सिंह चड्ढा, तरुण मैनी, केशवेंद्र सिसौदिया, जगमोहन गोयल, दीपक, नवनीत, धर्मेंद्र आदि मौजूद थे।
हर एक की त्वचा होती है अलग

कॉस्मेटोलॉजिस्ट नीलम गुलाटी ने बताया कि हर व्यक्ति की त्वचा अलग होती है। यह जरूरी नहीं कि एक प्रोडक्ट जो आपको सूट करता है किसी और को भी करे। इसी अंतर को समझने के लिए ब्यूटीशियन और कॉस्मेटोलॉजिस्ट की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है। शिशु की त्वचा में अधिक मात्रा में कोलेजन होने की वजह से वह सुंदर और मुलायम होती है, लेकिन उम्र के साथ कोलेजन कम होता जाता है। त्वचा में पर्याप्त मात्रा में कोलेजन बना रहे, इसके लिए प्रोटीनयुक्त डाइट लें। लेजर फेशियल इसका दूसरा विकल्प है, जो त्वचा के अंदरूनी भाग में पहुंचकर ढीले पड चुके कोलेजन को टाइट करता है। त्वचा को फ्रेश रखने के लिए पर्याप्त मात्रा में आॅक्सीजन जरूरी है, लेकिन लगातार बढ रहे प्रदूषण के कारण त्वचा अपनी चमक खो रही है। ऐसे में आॅक्सीजन पंप और मास्क की सहायता ली जा सकती है।
सुंदरता और स्वास्थ्य का खजाना है उचित खान-पान
डायटीशियन डा बेला मोहन ने बताया कि स्वास्थ्य और सुंदरता को बनाए रखने के लिए जरूरी है। सादा भोजन और स्वस्थ आहार। खुद को सुंदर और स्वस्थ बनाए रखने के लिए खान-पान का उचित रूप लेना भी जरूरी है। यदि आप अच्छा और हैल्दी भोजन लेते हैं तो आपकी त्वचा भी ग्लो करेगी साथ ही आपका शरीर भी स्वस्थ रहेगा। यदि आप खराब चीजों का सेवन मसलन शराब या जंक फूड करेंगे तो उसका खामियाजा आपके शरीर को भी भुगतना पडेगा।
सच्ची खुशी के लिए चाहिए, अच्छा स्वास्थ्य

लोगों को खुश रहने के लिए सही तरीके बताने आर्इं पूर्णिमा शर्मा ने कहा कि जीवन में किसी भी तरह की प्रगति के लिए अच्छा स्वास्थ्य सबसे जरूरी है। दुर्भाग्यवश बहुत से युवा इस पहलू को नजरअंदाज करते हैं। वे नहीं समझते कि प्रकृति का काम करने का अपना तरीका है। अगर कोई अनुशासित जीवन नहीं जीता है तो उसका ऊर्जा का भंडार जल्दी ही खत्म होने लगता है। खुशी और स्वास्थ्य का आपस में गहरा रिश्ता है, जब हम अच्छी आदतें रखेंगे तब हम स्वस्थ रहेंगे और यदि हम स्वस्थ रहेंगे तो हमें स्वत: ही आंतरिक खुशी मिलेगी न कि खुशी के अवसर तलाशने पडेंगे।