आगरालीक्स.. आगरा में कादर खान कमबैक मूवी हो गया दिमाग का दही की शूटिंग करना चाहते थे, उनका 81 साल की उम्र में कनाडा में निधन हो गया, वे पीएसपीडी की बीमारी से पीडित थे।
काबुल में 22 अक्टूबर 1937 को कादर खान का जन्म भारतीय-कनाडाई परिवार में पैदा हुए थे। कादर खान मुंबई के एमएच साबू सिद्दीक इंजीनियरिंग कॉलेज में सिविल इंजीनियरिंग के लेक्चरर थे। 1973 में उन्होंने यश चोपड़ा की फिल्म ‘दाग’ से करियर की शुरुआत की। 1970 और 80 के दशक में उन्होंने कई फिल्मों के लिए कहानियां लिखीं। परिवार में उनकी पत्नी अजरा और दो बेटे सरफराज और शहनवाज खान हैं। कादर खान पिछले कई साल से कनाडा में ही अपने बेटे-बहू सरफराज और शाइस्ता के साथ रह रहे थे। बीते कुछ वक्त से सांस लेने में तकलीफ के कारण उन्हें वेंटीलेटर पर रखा गया था।
पीएसपीडी से पीडित थे कादर खान
कादर खान की 2017 में घुटने की सर्जरी हुई थी। वे ज्यादा देर तक चलने में डरते थे, उन्हें लगता था कि वे गिर जाएंगे। उन्हें प्रोग्रेसिव सुप्रान्यूक्लीयर पाल्सी डिसऑर्डर हो गया था। यह शरीर की गति, चलने के दौरान बनने वाले संतुलन, बोलने, निगलने, देखने, मनोदशा और व्यवहार के साथ सोच को प्रभावित करता है।
दाग से की शुरूआत, आगरा में करना चाहते थे शूटिंग
कादर खान का करियर 44 साल लंबा रहा,1973 में उन्होंने यश चोपड़ा की फिल्म ‘दाग’ से करियर की शुरुआत की। करीब 350 फिल्मों में काम किया, लगभग 250 से ज्यादा फिल्मों में स्क्रिप्ट और डायलॉग लिखे। 2015 में कम बैक मूवी होगया दिमाग का दही में वे आगरा में शूटिंग करना चाहते थे, आगरा किला में शूटिंग होनी थी लेकिन जून में गर्मी के कारण शूटिंग नहीं हुई।