आगरालीक्स…आगरा आए श्रम व सेवायोजन मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य..बोले—अब हालात के कारण कोई श्रमिक नहीं बनेगा.
प्रदेश में शिक्षा को दे रहे बढावा
मंगलवार को माल रोड स्थित बीडी जैन कन्या महाविद्यालय के मैदान में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे प्रदेश के श्रम एवं सेवायोजन मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा कि अब हालात के कारण कोई भी श्रमिक नहीं बनेगा. श्रमिकों के बच्चों की शिक्षा के लिए सरकार हरसंभव प्रयास कर रही है. उन्होंने कहा कि श्रमिकों के बच्चों को पढ़ाने के लिए हर मंडल में 12 से 15 एकड़ भूमि पर अटल आवासीय विद्यालय खोले जा रहे हैं. प्रदेश में 18 विद्यालय स्वीकृत कर धनराशि आवंटित हो चुकी है, निर्माण शुरू होना है. इसमें नवोदय विद्यालय की तर्ज पर निर्माण श्रमिकों व निराश्रितों के एक हजार बच्चों के पढ़ने, रहने, खाने आदि की पूरी व्यवस्था रहेगी. श्रमिकों के बच्चों को पढ़ाई में प्रोत्साहन देने को प्राथमिक में 150 रुपेय, जूनियर तक 200, इंटर तक 250, पीजी तक 500, आइटीआइ में 300, मेडिकल में 10 हज़ार, इंजीनियरिंग में 12 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने का प्रावधान है. वहीं इंजीनियरिंग या मेडिकल कालेज में प्रवेश होने पर प्रवेश और फीस भुगतान विभाग करेगा. आप खराब परिस्थितियों में मजदूर बने, लेकिन आपके बच्चे अधिकारी और बड़े आदमी बनेंगे.
उनका कहना था कि आगरा समेत पांच जिलों में उन्होंने भव्य सामूहिक विवाह आयोजन कराए। सिर्फ आगरा में ही 1200 निर्माण श्रमिकों की बेटियों के हाथ पीले कर 75 हजार की धनराशि भी दी। कार्यक्रम पूरे प्रदेश में होने थे, लेकिन लाकडाउन से ब्रेक लग गया. अब तीन से चार हजार जोड़ों के विवाह का लक्ष्य लेकर विभाग आगे बढ़ रहा है. 22 मार्च से लगे लाकडाउन में उप्र भवन एवं अन्य सन्निमार्ण कर्मकार कल्याण बोर्ड में पंजीकृत 20 लाख श्रमिको को एक हज़ार रुपये प्रतिमाह की सहायता दी. 14 लाख दिहाड़ी मजदूरों व 40 लाख प्रवासी मजदूरों को आर्थिक सहायता व जरूरत का सामान दिया.
उठाएं निशुल्क पंजीकरण लाभ
उनका कहना था कि 2009 से 2017 तक सिर्फ 34 लाख श्रमिक ही बोर्ड में पंजीकृत थे, जबकि पिछले तीन साल में सख्या बढ़कर 70 लाख पार हो चुकी है, जिसे आगामी एक साल में एक करोड़ तक ले जाना है. विभाग की डेढ़ दर्जन से ज्यादा महत्वाकांक्षी योजनाएं चल रही हैं, जिनका लाभ हर निर्माण श्रमिक उठा सकता है, लेकिन अनिवार्य शर्त विभाग में पंजीकरण की है, जो कोरोना काल तक निश्शुल्क है. नवीनीकरण भी निश्शुल्क किया जा रहा है. किसी भी जनसुविधा केंद से पंजीकरण कराएं, वहां जो खर्च आए, विभाग को रसीद दिखाकर भुगतान प्राप्त कर लें.
बेटियों का सम्मान
सरकार ने मिशन शक्ति चलाया है, जो नवरात्रि तक चलेगा. इसमें बेटियों के सम्मान के साथ उन्हें नेतृत्व करने का मौका दिया जा रहा है. महिलाओं को सम्मान से जीने के लिए उज्जवला, शौचालय, चिकित्सा आदि सुविधाओं के साथ निश्शुल्क बिजली दी जा रही है. इस कार्यक्रम में भी श्रमिकों की 313 बेटियों को साइकिल दी जा रही है.