आगरालीक्स… पौष (पुत्रदा) एकादशी कल रविवार को मनाई जाएग। यह तिथि बेहद पवित्र तिथि मानी जाती है। इसका व्रत रखने का काफी महत्व माना जाता है। संतान सुख, पापों का नाश होने के साथ वंश वृद्धि होती है।
पौष माह की शुक्ल पक्ष की एकादशी को पुत्रदा एकादशी के नाम से जाना जाता है। वर्ष में दो एकादशी को पुत्रदा एकदशी के नाम से जाना जाता है। यह श्रावण और पौष माह के शुक्ल पक्ष में आने वाली एकादशी हैं। इस वर्ष पुत्रदा एकादशी 24 जनवरी को मनाई जाएगी। धर्मग्रंथों के अनुसार इस व्रत की कथा सुनने मात्र से वाजपेयी यज्ञ का फल प्राप्त होता है। पवित्रा एकदाशी का महत्व भगवान श्रीकृष्ण ने धर्मराज युधिष्ठर को भी बताया था।
भगवान नारायण की पूजा
एकादशी के दिन भगवान नारायण की पूजा की जाती है। सुबह स्नान आदि से निवृत्त होकर स्वच्छ वस्त्र धारण कर श्रीहरि का ध्यान करना चाहिए। सबसे पहले धूपी आदि से भगवान नारायण की अर्चना की जाती है। इसके बाद फल-फूल, नारियल, पान सुपारी, लोंग, बेर आवंला आदि नारायण को अर्पित करते हैं। इस व्रत में नियमों का पालन करना भी जरूरी होता है।