आगरालीक्स …आगरा मेट्रो के निर्माण में धूल से लोगों को हुई परेशानी और पर्यावरण नुकसान पर आगरा मेट्रो पर लगाया गया 29.25 लाख का जुर्माना। आगरा मेट्रो ने भी रखा अपना पक्ष।
ताजमहल पूर्वी गेट से सिकंदरा तक आगरा मेट्रो का पहला कॉरीडोर बन रहा है, इसके लिए ताजमहल से जामा मस्जिद तक पहले कॉरीडोर में मेट्रो का निर्माण कराया जा रहा है। वहीं, पीएसी मैदान में मेट्रो शेड और फतेहाबाद रोड पर मेट्रो रेल लाइन बिछाई जा रही है।

यूपीपीसीबी टीम को नहीं मिले धूल नियंत्रण के प्रभावी उपाय
उत्तर प्रदेश पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड यानी यूपीपीसीबी की टीम ने पिछले साल अक्टूबर और नवंबर में आगरा मेट्रो के कार्य का निरीक्षण किया। टीम को निरीक्षण में धूल कण मिले, रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि आगरा मेट्रो द्वारा धूल नियंत्रण के लिए कोई प्रभावी उपाय नहीं किए गए हैं।
78 दिनों तक धूल कण रहने पर लगाया जुर्माना
इस मामले में यूपीपीसीबी ने आगरा मेट्रो पर 78 दिनों तक धूल कण के नियंत्रण के लिए प्रभावी उपाय न करने पर जुर्माना लगाया गया है। यूपीपीसीबी ने 37500 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से 78 दिन के लिए 29.25 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।
ये है अधिकारियों का कहना
प्रभारी क्षेत्रीय अधिकारी यूपीपीसीबी डॉ. विश्वनाथ शर्मा का कहना है कि आगरा मेट्रो द्वारा धूल नियंत्रण के लिए प्रभावी इंतजाम न करने पर 29.25 लाख रुपये की पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति आगरा मेट्रो पर अधिरोपित करते हुए कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
आगरा मेट्रो के प्रोजेक्ट मैनेजर अरविंद कुमार का कहना है कि हमें कोई नोटिस हनीं मिला है, व्हील वॉश प्लांट और स्मॉग गन का इस्तेमाल कर धूल कण के नियंत्रण के लिए प्रभावी इंतजाम किए गए है , हमारा काम जनता के बीच में है।