आगरालीक्स मन बना लें तो तंबाकू का सेवन छूट सकता है, आज तंबाकू निषेध दिवस है। ( Agra News: 13 Lakh death due to tobacco#Agra)
तंबाकू निषेध क्लिनिक" में निःशुल्क परामर्श एवं उपचार की सुविधा उपलब्ध है, जहाँ फार्माकोथेरेपी, मोटिवेशन एनहांसमेंट थेरेपी, तथा संक्षिप्त मनोचिकित्सा (Brief Psychotherapy) प्रदान की जाती है। डॉ. कश्यपी गर्ग ने अपने वक्तव्य में बताया कि तंबाकू सेवन से व्यक्ति केवल कैंसर या हृदय रोग जैसी शारीरिक समस्याओं से ही नहीं जूझता, बल्कि यह मानसिक स्वास्थ्य को भी गंभीर रूप से प्रभावित करता है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, भारत में हर वर्ष लगभग 13 लाख लोगों की मृत्यु तंबाकू से संबंधित बीमारियों के कारण होती है, जो एक अत्यंत चिंताजनक स्थिति है।
डॉ. अशुतोष कुमार ने स्पष्ट किया कि तंबाकू की लत केवल एक आदत नहीं है, बल्कि यह एक उपचार योग्य मानसिक और व्यवहारिक विकार है, जिसका इलाज संभव है यदि सही समय पर परामर्श लिया जाए। उन्होंने यह भी बताया कि ग्लोबल एडल्ट टोबैको सर्वे (GATS) के अनुसार, भारत में लगभग 28% वयस्क आबादी किसी न किसी रूप में तंबाकू का सेवन करती है, और युवाओं में गुटखा, सिगरेट, बीड़ी तथा अब इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट (वेपिंग) का प्रचलन तेजी से बढ़ रहा है, जो विशेष रूप से चिंता का विषय है।