आगरालीक्स…चंदग्रहण 3 मार्च को. भारत में भी होगा प्रभाव. जानिए क्या है चंद्रग्रहण का समय और कब से लगेंगे सूतक…
03 मार्च 2026 फाल्गुन शुक्ल पक्ष पूर्णिमा मंगलवार को भारतीय स्टैंडर्ड टाइम के अनुसार दोपहर 03:20 से सांय 06:30 तक खग्रास चंद्र ग्रहण रहेगा. यह ग्रहण भारत के अधिकांश भागों से चंद्रमा ग्रस्ता हुआ ही उदय होगा. देश के जिस भाग में जिस समय चंद्रोदय होगा उसी समय वहां से चन्द्र ग्रहण को देखा जा सकेगा. ग्रहण का अंत संपूर्ण देश में सांय 6:47 पर होगा. खग्रास प्रारंभ सांय 04:35 पर होगा और खग्रास का समाप्ति 05:33 पर होगा जो खग्रास के रूप में केवल असम और पूर्वोत्तर के अन्य प्रदेशों में ही देखा जा सकेगा.भारतीय समय अनुसार चंद्र ग्रहण का समय
चंद्र ग्रहण का स्पर्श दोपहर 3:20 पर
खग्रास प्रारंभ सांय 4: 35पर
ग्रहण का मध्य सांय 5:04 पर
खग्रास समाप्त 5:30 पर
चंद्र ग्रहण का मोक्ष सांय 6:45 पर
चंद्र ग्रहण का कुल समय 3 घंटा 27 मिनट
सुबह से शुरू हो जाएंगे सूतक
सूतक प्रारंभ -खग्रास चंद्र ग्रहण के सूतक 03 मार्च 2026 को प्रातः 06:20 से प्रारंभ हो जाएंगे. इन सूतकों में बाल वृद्ध रोगी आसक्त जनों को छोड़कर किसी को भी भोजन शयनादि नहीं करना चाहिए. उदर में जिन विदुषी महिलाओं के गर्भस्थ शिशु पल रहे हो उन्हें तीक्ष्ण धारदार चाकू छुरी आदि से फल सब्जी कपड़े इत्यादि नहीं काटने चाहिए. ग्रहण जन्य समय को भगवान के भजन पूजन इत्यादि में लगाना चाहिए. जिन माता बहनों के गर्भ में शिशु हैं उन्हें गेरु घोलकर अपने नाखूनों पेट पर और सर के पल्लू पर लगाना चाहिए और थोड़ा सा गेरू मुंह में खा लेना चाहिए. पानी के साथ इससे ग्रहण का दुषप्रभाव होने वाले बच्चों के ऊपर नहीं पड़ेगा.
प्रातः 06:20 से सभी मंदिरों के पट बंद हो जाएंगे जिसके कारण देव दर्शन का लाभ लोगों को नहीं मिलेगा और घर में भी पूजा अर्चना नहीं हो सकती है. ग्रहण काल के दौरान मंत्र जाप करना, हवन अनुष्ठान करना, गुरु मंत्र का जाप करना श्री सूक्त सुंदरकांड लक्ष्मी सूक्त और विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करना सभी लोगों के लिए सर्वोत्तम माना जाएगा. ग्रहण का प्रभाव ग्रहण की सूतक सभी लोगों को लगते हैं जिसके लिए स्नान दान अति आवश्यक है. ग्रहण के पश्चात सभी लोगों को गंगाजल डालकर स्नान अवश्य करना चाहिए. ग्रहण के सूतक के बाद भगवान जी को स्नान कारण भोग प्रसाद आरती करें. उसके बाद पवित्र गंगाजल का छिड़काव पूरे घर में करना चाहिए जिससे ग्रहण का प्रभाव उस घर से नष्ट हो सके.
प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य परम पूज्य गुरुदेव पंडित हृदय रंजन शर्मा अध्यक्ष श्री गुरु ज्योतिष शोध संस्थान गुरु रत्न भण्डार वाले पुरानी कोतवाली सर्राफा बाजार अलीगढ़ यूपी.9756402981,7500048250