आगरालीक्स…आगरा में साइबर ठग गैंग से जुड़े दो अभियुक्त पुलिस ने पकड़े. गैंग ने 2.85 करोड़ की ठगी की है. तीन मुख्य आरोपी हनी, मनी और अमन की करते हैं युवाओं को गैंग में शामिल, तीनों की तलाश
आगरा की थाना साइबर सेल ने “ऑपरेशन कोड ब्रेक" के तहत साइबर ठगों को अपना खाता देने वाले 02 अभियुक्तों को अरेस्ट किया है. पुलिस ने इनके पास से फोन, लैपटॉप बरामद किए हैं. जिस गैंग में ये दो शातिर शामिल थे उस गैंग के मुख्य तीन सदस्य अंधेरे का फायदा उठाकर भाग गए. ये तीनेां युवाओं को पैसे कमाने का लालच देकर गैंग में शामिल करते हैं और उनसे अपना खाता आदि ले लेते हैं. पुलिस अब इन तीनेां की तलाश में है.बिरयानी वाले को दिया आफर
एक युवक ने थाना साइबर क्राइम को सूचना दी कि वह और उसका जीजा हैदर अर्जुन नगर में वैज बिरयानी की दुकान पर काम करता है. दुकान पर हनी, मनी और अमन त्रिवेदी नाम के तीन युवक बिरयानी खाने आते थे, ये तीनों अक्सर नया फोन, महंगी घड़ी आदि सामान लेकर आते थे, एक दिन युवक ने तीनों लड़को से मंहगे सामान के सम्बन्ध में पूछ लिया, तो तीनों लड़को ने उसे और उसके जीजा को बताया कि वे तीनों मिलकर एक साथ साइबर फ्राड का काम करते हैं, जिससे बहुत रुपया कमाते हैं, तीनों लड़कों ने वादी से अपना खाता देने को कहा तथा खाता देने के बदले रुपये देने के लिये कहा गया, लेकिन वादी ने मना कर दिया.
कुछ दिन बाद युवक को जानकारी हुई कि वादी के जीजा ने साइबर ठगों को अपना खाता दे दिया है, और साइबर ठगी के गैंग में शामिल हो गया है और कुछ दिनों से घर पर भी नहीं आ रहा है. कुछ दिन बाद हनी, मनी, व अमन त्रिवेदी दुकान पर आकर युवक से कहते है, कि वादी का जीजा रुपये लेकर भाग गया है वो रुपये वादी से रुपये मांग रहे हैं. न देने पर धमकी दे रहे हैं. इस पर युवक ने प्रार्थना पत्र की जांच प्रभारी साइबर सेल, कमिश्नरेट आगरा को दी गयी.
पोइया घाट से किया अरेस्ट
साइबर क्राइम या ऑनलाइन ठगी के विरुद्ध "ऑपरेशन कोड ब्रेक" के माध्यम से आगरा पुलिस द्वारा साइबर अपराधियों पर लगातार कार्यवाही की जा रही है, इसी क्रम में 6 अगसत को थाना साइबर क्राइम पुलिस टीम को मुखबिर से इनके बारे में सूचना मिली. सूचना के आधार पर प्रकरण से सम्बन्धित 02 अभियुक्त- हैदर पुत्र गुलाब खान व अब्दुल कादिर पुत्र अब्दुल सलाम को पोइया घाट के पास से गिरफ्तार कर लिया गया. हालांकि 03 अभियुक्त अंधेरे का फायदा उठाकर भागने में सफल रहे. गिरफ्तार अभियुक्तों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त 01 लैपटाप व 03 मोबाइल बरामद हुये.
पूछताछ का विवरण:-
पुलिस टीम द्वारा गिरफ्तार अभियुक्तों से पूछताछ करने पर अभियुक्तों ने बताया कि जो तीन लड़के यहां से भाग गये हैं उनके नाम हनी, मनी और अमन त्रिवेदी हैं, भागे हुए तीनों अभियुक्तों ने ही गिरफ्तार दोनों अभियुक्तों को साइबर ठगी के काम में अपने साथ शामिल किया था, बरामद लैपटाप पांचों अभियुक्त मिलकर प्रयोग करते हैं. लैपटाप में जो फाइलें Completed task तथा Target के नाम से हैं, इसमें उन लोगों का मोबाइल नंबर का डाटा रखते है जिनके साथ साइबर फ्राड करके पैसे ठगे हैं तथा जिनको आगे Target करना है. उनका विवरण लिख रखा है. अभियुक्त मिलकर लोगों से धोखे से पहचान बदलकर साइबर फ्राड करते हैं.
गिरफ्तार अभियुक्तों ने अभियुक्त- हनी, मनी और अमन त्रिवेदी के साथ संगठित होकर कई लोगों के साथ साइबर फ्राड किया है और पैसा अभियुक्त- हैदर के बंधन बैंक के खाता में लिया है, जिसको अभियुक्तों ने आपस में बांट लिया है. अभियुक्त- हैदर के खाता के संबंध में समन्वय Portal पर चैक किया गया तो खाते के विरुद्ध कुल 6 शिकायतें- शिकायत संख्या-21507250020529 थाना गांधीनगर जिला कोट्टयम केरल, 30807250063145 थाना स्पेशल सैल (एसबी) दिल्ली, 31307250051254 थाना साइबर वैस्ट गुरुग्राम हरियाणा, 31607250091360 बैंगलोर सिटी कर्नाटक, 31908250136288 थाना साइबर नार्थ मुम्बई महाराष्ट्र तथा 33707250033106 साइबर क्राइम थाना हैदराबाद तेलंगाना पर दर्ज प्राप्त हुई, उक्त शिकायतों में क्रमशः 40,000/-रुपये, 61,88,999/-रुपये, 14,04,000/-रुपये, 38,56,485/-रुपये, 51,46,811.7/-रुपये, 1,35,95,000/-रुपये का फ्राड हुआ है .
गिरफ्तार अभियुक्तों का विवरण:-
- हैदर पुत्र गुलाब खान निवासी- वीआईपी सराय ख्वाजा मोड़ थाना शाहगंज आगरा हाल पता- लक्ष्मीपुरम कालोनी बमडम रोड थाना मलपुरा, आगरा। 02. अब्दुल कादिर पुत्र अब्दुल सलाम निवासी- गली नं.-17 जगदीशपुरा बोदला थाना जगदीशपुरा, आगरा।