आगरालीक्स…35 साल की उम्र में डायबिटीज रोगी 55 साल की उम्र में खो सकते हैं अपनी याद्दाश्त. डॉ. सुनील बंसल ने वृद्धावस्था की समस्याओं, बीमारियों के कारणों को बताया
डायबिटीज के रोगियों में लगभग 15-20 वर्ष के बाद डिमेंशिया या एल्जायमर (कमजोर याद्दाश्त) का खतरा तीन गुना अधिक बढ़ जाता है। विशेषकर उन लोगों में जो अपने शुगर के स्तर को नियंत्रित रखने में लापरवाही करते हैं। दिमाग तक पर्याप्त इंसुलिन न पहुंच पाने के कारण बातों को स्टोर करने व कम्यूनिकेट करने की क्षमता कम होती चली जाती है। सामान्य लोगों में 15 प्रतिशत जबकि डायबिटीज रोगियों में डिमेंशिया होने का प्रतिशत बढ़कर 50 फीसदी हो जाता है। व्यक्ति छोटी-चोटी बातें यहां तक कि शर्ट के बटन लगाना, अपने घर का रास्ता तक भूलने लगता है।जीरिएट्रिक सोसायटी ऑफ इंडिया की 38वीं वार्षिक कार्यशाला में आयोजन अध्यक्ष डॉ. सुनील बंसल ने बताया कि जो लोग लगभग 35-40 की उम्र में डायबिटीज का शिकार हो जाते हैं, वह डायबिटीज को कंट्रोल न रखें तो लगभग 60 की उम्र तक पहुंचते पहुंचते उन्हें सामान्य की अपेक्षा एल्जायमर का खतरा तीन गुना बढ़ जाता है। बीपी, कोलेस्ट्रोल व मोटापा और अकेले रहने पर समस्या और गम्भीर हो जाती है। इसलिए प्रारम्भ से ही वजन, शुगर, कोलेस्ट्रोल व बीपी को कंट्रोल में रखें। 60 की उम्र की बाद नई नई चीजों को सीखें। परिवार व मित्रों के साथ घूमें और समय बिताएं। मानसिक योग करें। खाने में एंटी ऑक्सीडेंट (रंगीन फल व सब्जियां, गाजर, टमाटर, बादाम, अखरोट) की चीजो डेमेज ब्रेन की कोशिकाओं की सफाई करती हैं। एल्जामयर का एक कारण प्रदूषण भी है। भविष्य में बुजुर्गों में बड़ी समस्या होगी एल्जायमर।
60 के बाद घबराहट और हृदयगति तेज हो तो थॉयरायड चेक करवाएंडॉ. एके गुप्ता ने अपने व्याख्यान में बताया कि सामान्य लोगों में हाइपर थॉयरायड में जहां हाथों में कम्पन, आंखों का बाहर निकलना, दस्त जैसे लक्षण होते हैं वहीं, 60 के बाद हाइपर थॉयरायड में घबराहट, हृदयगति का बढ़ जाना, कब्ज और बजन कम होने के साथ उभरते हैं। ओल्ड एज में यह सामान्य समस्या है। इसमें थॉयरायड का सिक्रिशन अधिक होने के कारण समस्या होती है।
वृद्धावस्था में बढ़ रही अनियंत्रित डायबिटीज से समस्याः डॉ. प्रवीन गुप्ता
फिरोजाबाद के डॉ. प्रवीन गुप्ता ने बताया कि वृद्धावस्था में अनियंत्रित डायबिटीज के कारण लगभग 50 प्रतिशत लोगों में पैरीफैरल न्यूरोपैथी, 42-45 प्रतिशत किडनी की समस्या और 25-30 प्रतिशत रेटिनोपैथी की समस्या बढ़ जाती है। इससे बचने का इजाल सिर्फ पहले दिन से ही डायबिटीज को कंट्रोल रखना है। ब्लड शुगर शरीर की रक्त नलिकाओं को ठीक वैसे ही क्षतिग्रस्त कर देता है जैसे खारा पानी पानी की पाइप लाइन को। इसके साथ 30-70 फीसदी वृद्धों में त्वचा सम्बंधी समस्या भी देकने को मिल रही है। कई लोगों को तो खुद का डायबिटिक होना त्वचा रोग की समस्या होने पर पता चलता है। इसमें अल्सर, जननांगों के पास खुजली, फंगल इनफेक्शन, घव जैसी समस्या हो सकती है। से में लापरवाही न बरतें।
बुजुर्गों के बाथरूम में हेंडिल अवश्य लगवाएं, स्टूल भी रखें
फिरोजाबाद के डॉ. एसपीएस चौहान ने बताया कि वृद्धावस्था में चलते-चलते गिरना लगभग 80 फीसदी लोगों की समस्या है। इसके लिए मस्क्यूलर ट्रेनिंग के अलावा आवश्यक है कि बुजुर्गों के बाथरूम में खड़े होने और बैठने में सुविदा के लिए हैंडिल अवस्य लगवाएं। एक स्टूल बी रखें, जिससे कपड़े पहनते समय गिरने की सम्बावना को कम किया जा सके। बाथरूम में स्लिपी टाइल्स न लगवाएं। कई बार गिरने से सिर में चोट लगने से मृत्यु तक हो जाती है।