आगरालीक्स…जनसंख्या बढ़ रही है और कृषि योग्य भूमि घट रही है. इससे कई देशों में खाद्य संकट छाया हुआ है. आगरा में विशेषज्ञों ने बताया कैसे तकनीकी से खाद्य आवश्यकताऐं हो सकती हैं पूरी…
“खाद्य सुरक्षा और आजीविका के लिये कृषि और संबद्ध विज्ञान में वैश्विक दृष्टिकोण” विषय पर आज आगरा कालेज, आगरा के पं. गंगाधर शास्त्री भवन में तीन दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी का शुभारंभ हुआ, जिसमें मुख्य अतिथि प्रो० आशु रानी, कुलपति डा. भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय आगरा, प्रो अनुराग शुक्ल, प्राचार्य आगरा कालेज, आगरा, प्रो एसके गुप्ता, कुलाधिपति महाराजा अग्रसेन गड़वाल विवि, उत्तराखण्ड, प्रो एपी गर्ग, कुलपति शोभित विश्वविद्यालय मेरठ, प्रो एनके सिन्हा, महाराजा अग्रसेन गड़वाल विवि, प्रो. वी के सिंह, प्राचार्य एन. डी. कालेज शिकोहाबाद एवं एकेडमी आफ साइंस, उज्बेकिस्तान से आई हुई डा. दिलफुजा जैब्रोवा ने मां सरस्वती की प्रतिमा के सम्मुख दीप प्रज्ज्वलन किया।
इस अवसर पर अतिथियों ने संगोष्ठी की स्मारिका एवम डिस्कवरी पब्लिकेशन की कुछ पुस्तकों का विमोचन किया। संगोष्ठी की मुख्य अतिथि प्रो आशु रानी ने वर्तमान में विश्व के कई देशों में उत्पन्न हुए खाद्य संकट पर प्रकाश डाला एवम कृषि वैज्ञानिकों द्वारा निर्मित आनुवंशिक संशोधित फसलों की उपयोगिता के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में बढ़ती जनसंख्या हम सभी के लिए चुनौती है। वहीं दूसरी ओर कृषि योग्य भूमि घटती जा रही है। हमें इस प्रकार की तकनीकी विकसित करनी होगी जिससे बढ़ती आबादी की खाद्य आवश्यकताऐं पूरी हो सके।

विशिष्ट अतिथि उज्बेकिस्तान से आई हुई डा. दिलफुजा जैब्रोवा ने कहा कि खाद्य सुरक्षा के लिए आवश्यक है कि जहां एक और हम उत्पादन बढ़ाएं, वहीं दूसरी ओर खाद्य पदार्थों को व्यर्थ ही नष्ट होने से बचाने के उपाय भी खोजे जाएं। कालेज के प्राचार्य प्रो अनुराग शुक्ल ने अपना भाषण संस्कृत के श्लोक के साथ शुरू किया और संगोष्ठी के विषय पर प्रकाश डालते हुए खाद्य सुरक्षा के मामले में भारत की अत्मनिर्भरता के बारे में बताया। आगरा कालेज के प्राचार्य प्रो अनुराग शुक्ल ने उद्घाटन समारोह की अध्यक्षता की। जंतु विज्ञान की विभागाध्यक्ष प्रो अमिता सरकार ने स्वागत उद्बोधन दिया।
कार्यक्रम का संचालन प्रो गौरांग मिश्रा ने किया तथा प्रो जीनेश सिंह ने आभार प्रगट किया। प्रो रीता निगम ने अतिथियों का परिचय दिया। संगोष्ठी के दौरान आगरा कॉलेज के विद्यार्थियों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए। आयोजन सचिव डा आनंद प्रताप सिंह ने बताया कि संगोष्ठी में देशभर से आए लगभग 400 प्रोफेसर, वैज्ञानिक एवम् शोधार्थी प्रतिभाग कर रहे हैं। आजकल कुल 60 पोस्टर तथा 40 मौखिक शोध पत्र प्रस्तुत किए गए। इसके साथ ही दो समानांतर शत्रों का भी आयोजन किया गया, जिसमें प्रथम सत्र की अध्यक्षता प्रो गीता महेश्वरी ने की एवं सह अध्यक्ष प्रो धर्मेंद्र प्रताप सिंह थे। प्रथम सत्र के रिपोर्टियर के रूप में डॉ अवधेश कुमार ने अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की। द्वितीय समानांतर सत्र की अध्यक्षता इको रिहैबिलिटेशन सेंटर के निदेशक डॉ संजय सिंह ने की तथा सह अध्यक्षता डॉ सोनल सिंह ने की। इस सत्र के रिपोर्टियर डॉ सौरव सिंह थे।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से प्रो रचना सिंह, प्रो पीबी झा, डा योगेश अग्रवाल, डा उमेश शुक्ला, डा आशीष कुमार, डा मनीष कुमार, डा अश्वनी कुमार, da सत्यदेव शर्मा, डा अविनाश जैन, डा अचिंत वर्मा, प्रो जौली सिंह, प्रो बीके चिकारा, प्रो. दीपक उपाध्याय, प्रो अंशू चौहान आदि उपस्थित थे। मीडिया समन्वयक प्रो अमित अग्रवाल के अनुसार संगोष्ठी के दूसरे दिन कल दिनांक 22 जनवरी 2023 को पांच समानांतर सत्रों में पोस्टर तथा मौखिक शोध पत्र प्रस्तुत किए जाएंगे।