आगरालीक्स…आगरा में 22 जून से होने जा रहे फूड एक्सपो एंड कॉन्क्लेव 2025 का पोस्टर रिलीज. केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने किया पोस्टर विमोचन. 24 जून को आने का दिया आश्वासन
भारत सरकार के खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री चिराग पासवान ने 22, 23 और 24 जून को होने जा रहे फूड एक्सपो एंड कॉन्क्लेव 2025 के पोस्टर का विमोचन मिनिस्ट्री ऑफ़ फ़ूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्रीज (MOFPI) के दिल्ली स्थित पंचशील भवन कार्यालय पर किया। इस अवसर पर चैंबर ऑफ फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्री एसोसिएशन के संरक्षक अजय अग्रवाल, अध्यक्ष राजकुमार भगत, उपाध्यक्ष नितिन गोयल, सचिव कुमार कृष्ण गोयल, कार्यकारिणी सदस्य अभिषेक चौरसिया और मुख्य सलाहकार मनीष अग्रवाल एवं अनिल सविता मौजूद रहे।चिराग पासवान ने कहा कि आगरा में आयोजित होने वाला तीन दिवसीय यह आयोजन खाद्य प्रसंस्करण उद्योग की पक्षिमी उत्तर प्रदेश की दिशा तय करने वाला महत्वपूर्ण मंच होगा। उन्होंने कहा कि ऐसे एक्सपो न केवल व्यापारियों और सरकार के बीच संवाद बढ़ाते हैं, बल्कि किसानों, उद्योगपतियों और उपभोक्ताओं के हितों को भी जोड़ते हैं। उन्होंने उत्तर प्रदेश, विशेषकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश को खाद्य प्रसंस्करण के लिए प्रमुख प्रदेश बताते हुए कहा कि केंद्र सरकार इसके सर्वांगीण विकास हेतु संकल्पित है। उन्होंने कहा कि 24 जून को वे आयोजन में सहभागिता करेंगे। साथ ही मंत्रालय द्वारा आयोजन में लोगों को सरकार की खाद्य प्रसंस्करण उद्योग योजना की नीतियां बताने के लिए MOFPI द्वारा स्टॉल भी लगाई जाएगी।
चैंबर के संरक्षक अजय अग्रवाल ने कहा कि फूड एक्सपो एंड कॉन्क्लेव 2025 में देशभर से खाद्य उद्योग से जुड़े उद्यमी, विशेषज्ञ, नीति निर्माता और निवेशक भाग लेंगे। यह आयोजन तकनीकी साझेदारी, नीति सुधार और व्यापारिक विस्तार के नए द्वार खोलेगा। अध्यक्ष राजकुमार भगत ने कहा कि खाद्य सुरक्षा विभाग (एफएसएसऐआई) और खाद्य प्रसंस्करण मंत्रालय को एक ही दिशा में समन्वय के साथ कार्य करना चाहिए, ताकि उद्योगों को नीति, लाइसेंस और गुणवत्ता मानकों से जुड़ी जटिलताओं का सामना न करना पड़े। उन्होंने सुझाव दिया कि यदि खाद्य सुरक्षा विभाग खाद्य प्रसंस्करण मंत्रालय के अंतर्गत ही कार्य करे तो उद्यमियों को इससे बहुत बड़ा लाभ मिल पाएगा।
सचिव कुमार कृष्ण गोयल ने आगरा के प्रमुख कोल्ड चैन उद्योग की समस्याएं रखते हुए कहा कि एफएसएसएआई के अधिकारी कई बार उत्पादन संबंधी लाइसेंस की मांगे करते हैं जबकि हम सिर्फ भंडारण करने वाले लोग होते हैं। जिनकी फसल होती है या जिनका माल होता है लाइसेंस आदि दस्तावेज रखने का जिम्मा भी उन्हीं का होता है। अधिकारियों द्वारा इस तरह की मांगे करके उद्यमियों का सिर्फ शोषण ही किया जाता है।उपाध्यक्ष नितिन गोयल ने उत्तर प्रदेश, विशेष रूप से आगरा मंडल को खाद्य प्रसंस्करण का भविष्य बताया। उन्होंने कहा, यह क्षेत्र कृषि उत्पादों, बाजार की नजदीकी, कच्चे माल और कुशल श्रम बल जैसी तमाम संभावनाओं से युक्त है। यदि राज्य और केंद्र सरकार मिलकर सहयोग करें तो आगरा मंडल देश का एक प्रमुख फूड प्रोसेसिंग हब बन सकता है।