आगरालीक्स… आगरा के क्षितिज अग्रवाल ने एम्स प्रवेश परीक्षा में 24 वीं रैंक प्राप्त करने पर सफलता के टिप्स दिए, बेटे की उपलब्धि से न्यूरोसर्जन पिता की पहचान हो रही है, इससे वे गदगद हैं।
एम्स दिल्ली सहित देश के 9 एम्स की एमबीबीएस की 807 सीटों के लिए आयोजित प्रवेश परीक्षा में आगरा के क्षितिज अग्रवाल की 24 वीं रैंक आई है, उनके पिता डॉ आलोक अग्रवाल न्यूरोसर्जन और मां डॉ दीप्ति अग्रवाल स्त्री रोग विशेषज्ञ हैं।
छह घंटे पढाई, एकाग्रता 100 फीसद
क्षितिज अग्रवाल ने इस सफलता पर कहा कि ज्यादा घंटे पढाई करने से जरूरी नहीं है कि आप सफल हो जाएं, हां मेरी तरह आफ छह घंटे सेल्फ स्टडी करते हैं, उस समय एकाग्रता 100 फीसद है तो आप लक्ष्य को प्राप्त कर सकते हैं। एकाग्रता के लिए उन्होंने कहा कि बदलते दौर में सबसे ज्यादा परेशानी मोबाइल से है, इसलिए मोबाइल का इस्तेमाल सीमित करें और इंटरनेट का इस्तेमाल पढाई के लिए ही करें। पढाई के बीच में ब्रेक लें और परिजनों के साथ गपशप करें, इससे पढने में भी मन लगता है।
कार्डिय सर्जन बनने का लक्ष्य
क्षितिज अग्रवाल अपने पिता की तरह न्यूरोसर्जन नहीं बनना चाहते हैं, उनका कहना है कि वे कार्डियक सर्जन बनना चाहते हैं। उनका सपना है कि वे एमबीबीएस के बाद एमएस और एमसीएच भी एम्स दिल्ली से करें।
पिता का नाम रोशन करेगा बेटा, गुरुओं ने दी बधाई
डॉ आलोक अग्रवाल के लिए यह बडी उपलब्धि है वे कहते हैं कि आपके बेटे से आपकी पहचान होती है तो यह बडी उपलब्धि है। इस उपलब्धि पर लगातार फोन आ रहे हैं। एक और रोचक मामला है, न्यूरोसर्जन डॉ आरसी मिश्रा के न्यूरोसर्जन डॉ आलोक अग्रवाल शिष्य रहे हैं, अब डॉ आलोक अग्रवाल के बेटे क्षितिज अग्रवाल एम्स दिल्ली से पढाई करेंगे, वहां उनके गुरु होंगे न्यूरोसर्जन डॉ आरसी मिश्रा के बेटे न्यूरोसर्जन शाश्वत मिश्रा। क्षितिज की उपलब्धि पर डिप्टी डायरेक्टर पर्सनल सीबीआई अनीश प्रसाद, डॉ धर्मेंद्र शर्मा, डॉ डीएन दुबे आदि ने बधाई दी है।