
सूरत के मन मंदिर सोसायटी निवासी भरत भाई कावठिया (46) पुत्र तुलसी भाई कावठिया साड़ी का व्यापार करते थे। सूरत में उनका एंब्राइडरी का कारोबार भी है। छह जुलाई को व्यापार के सिलसिले में आगरा आए थे। न्यू आगरा स्थित होटल कंफर्ट में कमरा लिया था। आठ जुलाई की सुबह 8:30 बजे पत्नी दक्षा से बात की। इसके बाद से कोई पता नहीं चला, 15 जुलाई को भरत के भाई नीलेश होटल पहुंचे तो उनका बैग और रुपये कमरे में रखे मिल गए। होटल कर्मचारियों ने बताया कि भरत भाई होटल से शाम चार बजे निकले थे। तब से लौटकर नहीं आए। उन्होंने थाना न्यू आगरा में गुमशुदगी दर्ज करा दी।
बाह में मिली मोबाइल की लॉकेशन
भरत की मोबाइल की अंतिम लोकेशन पता की गई तो वह पड़ुआपुरा में ही आई। इस पर शक गहरा गया। पुलिस तलाश में दबिशें दे रही थी। इस मामले में तीन अगस्त को अपहरण का मुकदमा दर्ज कर लिया गया।
हिरासत में ली गई बहनें
सीओ हरीपर्वत अशोक कुमार सिंह ने बताया कि भरत भाई के पूर्व नौकर की बड़ी बहन दो साल पहले गुजरात गई थी। भरत भाई की युवती से दोस्ती हो गई। इससे उनके परिवार का भरत भाई से संपर्क हो गया। व्यापारी का उनके गांव में आना-जाना शुरू हो गया। आठ जुलाई को वह उनके घर पहुंचे। उस वक्त पूर्व नौकर की दोनों बहनें अकेली थीं। पूछताछ में पता चला कि इसी दौरान छोटी बहन ने सरिया मारकर भरत भाई की हत्या कर दी। शव को एक चादर और पालीथिन में लपेटकर भूसे के ढेर में छिपा दिया। दूसरे दिन कुछ लोगों के साथ मिलकर बीहड़ में गड्ढा खोदकर दबा दिया। पहचान छिपाने के लिए तेजाब से भी झुलसाया। पुलिस का कहना है कि हत्या में तीन लोगों के भी नाम सामने आए हैं। जांच की जा रही है।
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