आगरालीक्स…आगरा सहित प्रदेश में कोरोना की स्थिति को लेकर सीएम योगी आदित्यनाथ ने दिए ये निर्देश…
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज कोविड प्रबंधन के लिए गठित उच्चस्तरीय टीम-09 के सदस्यों के साथ प्रदेश की स्थिति को लेकर समीक्षा बैठक की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य अथवा चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा संचालित सभी अस्पतालों में विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती, चिकित्सकीय उपकरणों की क्रियाशीलता, पैरामेडिकल स्टाफ की समुचित उपलब्धता की गहनता से परख कर ली जाए। कहीं भी किसी प्रकार की कमी न हो। इसके अलावा उन्होंने कोविड टीकाकरण अभियान में तेजी लाने के निर्देश देते हुए प्रीकॉशन डोज लगवाने हेतु लोगों को जागरूक करने के निर्देश दिए।
दिसंबर में 103 केस मिले
अधिकारियों ने सीएम योगी को जानकारी दी कि विभिन्न देशों में बढ़ते कोविड-19 संक्रमण के बीच उत्तर प्रदेश की स्थिति सामान्य है। दिसंबर माह में 9.06 लाख से अधिक टेस्ट किए गए, जिसमें 103 केस की पुष्टि हुई। इस अवधि में प्रदेश की पॉजिटिविटी दर 0.01% दर्ज की गई। विगत 24 घंटों में 42 हजार से अधिक टेस्ट किए गए।
सीएम ने दिए ये निर्देश
समीक्षा बैठक में सीएम योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिए कि कोविड की बदलती परिस्थितियों पर सूक्ष्मता से नजर रखी जाए। विगत दिनों मॉक ड्रिल में जो भी कमियां मिली हैं, उनमें तत्काल सुधार किया जाए। कोविड काल में सरकार ने हर जिले में ICU स्थापित किए हैं, उन्हें क्रियाशील रखा जाए। हर ICU में एनेस्थेटिक व अन्य स्पेशलिस्ट चिकित्सकों और टेक्नीशियन की उपलब्धता हो। आक्सीजन प्लांट पर तीन टेक्नीशियन तैनात होने चाहिए। उत्तर प्रदेश सर्वाधिक कोविड वैक्सीनेशन करने वाला राज्य है। वर्तमान में प्रदेश में 11 लाख+ डोज उपलब्ध हैं। मांग के अनुरूप वैक्सीन की पर्याप्त उपलब्धता के लिए भारत सरकार से सतत संपर्क बनाए रखा जाए।
कोविड प्रोटोकॉल का हो पालन
सीएम योगी ने कहा कि संभव है आने वाले कुछ दिनों में नए केस में बढ़ोतरी हो, ऐसे में हमें अलर्ट रहना होगा। यह समय घबराने का नहीं, सतर्क और सावधान रहने का है। कोविड प्रोटोकॉल का पालन करना होगा। सार्वजनिक स्थानों पर फेस मास्क लगाए जाने के लिए लोगों को जागरूक करें। पब्लिक एड्रेस सिस्टम को एक्टिव करें। कोविड काल में सेवा देने वाले सभी अस्थायी/आउटसोर्सिंग कार्मिकों को बकाया मानदेय का भुगतान तत्काल कराया जाए। यदि शासन/विभाग से भुगतान होने के बाद संबंधित एजेंसी द्वारा कार्मिक को भुगतान नहीं किया है तो ऐसे प्रकरणों का संज्ञान लेते हुए बकाया भुगतान कराया जाए।