आगरालीक्स…. बिहार के बाद उत्तर प्रदेश में शराब बंदी, बुधवार से आगरा रीजन के तीर्थस्थल में अंग्रेजी, देसी शराब, बीयर की बिक्री पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है।
उत्तर प्रदेश में शराब बंदी की शुरूआत तीर्थस्थलों से की गई है, पहले चरण में आगरा रीजन में मथुरा के तीर्थस्थलों में शराब की बिक्री को पूर्ण रूप से बंद कर दिया गया है। इसके बाद मथुरा में घोषित तीर्थस्थल बरसाना, गोवर्धन, गोकुल, बलदेव, नंदगांव और राधाकुंड में बुधवार से पूर्ण शराबबंदी लागू हो जाएगी। इस पर मंगलवार को लखनऊ में यूपी कैबिनेट की बैठक में योगी सरकार ने मथुरा के घोषित तीर्थस्थलों में शराबबंदी के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।
तीन महीने से चल रही थी प्रक्रिया
तीर्थस्थलों में रेप से लेकर लूट की घटनाएं हो रही हैं, इसके साथ ही छेडखानी की घटनाएं भी होती हैं। इसके पीछे एक बडा कारण तीर्थस्थलों पर शराब का सेवन है, जबकि तीर्थस्थल पर शराब की बिक्री नहीं होनी चाहिए, इसके बाद भी मथुरा घोषित तीर्थस्थल बरसाना, गोवर्धन, गोकुल, बलदेव, नंदगांव और राधाकुंड में शराब की बिक्री की जा रही थी। तीर्थस्थलों पर शराब की बिक्री पर रोक लगाने की प्रक्रिया तीन महीने पहले शुरू की गई थी, मंगलवार को कैबिनेट की बैठक में मुहर लगा दी गई।
शराब की 26 दुकानें होंगी शिफ्ट
मथुरा में घोषित तीर्थस्थल बरसाना, गोवर्धन, गोकुल, बलदेव, नंदगांव और राधाकुंड में शराब और बीयर की 26 दुकाने हैं। मीडिया से जिला आबकारी अधिकारी ओमवीर सिंह का कहना है कि तीन महीने से प्रक्रिया चल रही थी। इन तीर्थस्थलों की शराब, बीयर और देशी शराब की 26 दुकानों को शिफ्ट करने का आदेश दिए जा चुके हैं। शराब की बिक्री पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगी।
2 साल से बिहार में शराब बंद
अप्रैल 2016 को बिहार में पूर्ण शराबबंदी लागू हुई थी, इससे जुड़ा कानून बहस का विषय बना हुआ था.