
सोमवार को शैलेंद्र अग्रवाल को दीवानी, आगरा में पेशी पर लाया गया। जेल की गाडी से उसके बाहर निकलते ही वीआईपी ट्रीटमेंट शुरू हो गया। वह एक कार में बैठ गया और अपने परिजनों से मुलाकात करने लगा। इसी दौरान वहां मौजूद पीडितों ने शैलेंद्र अग्रवाल को गाडी में देख लिया, आक्रोशित लोगों ने गाडी से शैलेंद्र अग्रवाल को बाहर निकालकर पीटना शुरू कर दिया। इससे दीवानी में अपफार तपफरी मच गई। पुलिसकर्मियों के भी होश उड गए।
पुलिस अधिकारियों के तबादले कराने वाली की हो रही सेवाकुछ दिन पहले तक शैलेंद्र अग्रवाल के इशारे पर पुलिस अधिकारियों और कर्मियों के तबादले हो जाया करते थे। उसने तमाम लोगों की नौकरी भी लगाई थी। यही नहीं पुलिस अधिकारियों के काले धन का इन्वेस्टमेंट भी शैलेंद्र अग्रवाल कर रहा था। अब वह जेल में है तो उसकी सेवा होना लाजिमी है। यही काम पुलिसकर्मी कर रहे हैं।
सुरक्षा गार्डों से घिरा रहने वाला शैलेंद्र एक चूक से पहुंचा जेल
शैलेंद्र अग्रवाल के पूर्व डीजीपी से संबंध थे। वह सपा का नेता भी था, लेकिन जेल जाने के बाद उसके सपा नेता होने पर भी सवाल उठ रहे हैं। यही नहीं शैलेंद्र अग्रवाल लग्जरी गाडी से चलता था और उकसी सुरक्षा में गार्ड लगे रहते थे। मगर एक चूक हो गई। तीन महीने पहले उसने जीआरपी पुलिसकर्मी से तबादला कराने के पैसे ले लिए, तबादला नहीं हुआ तो पुलिसकर्मीे ने पफोन करना शुरू कर दिया। इस पर शैलेंद्र अग्रवाल ने डीजीपी कार्यालय के पफोन को हैक कर पुलिस कर्मी के मोबाइल पर डीजीपी बनकर बात की, उससे कहा कि शैलेंद्र अग्रवाल को बार बार क्यों पफोन कर रहा है, तुझे वर्दी प्यारी नहीं है। इस पर पुलिसकर्मी दहशत पर आ गया, उसकी पत्नी ने पुलिस अधिकारियों को मामला की जानकारी दी। इसके बाद पडताल की गई तो मामला खुल गया। इसके बाद से वह जेल में है।
Leave a comment