मथुरालीक्स…मथुरा में 21 से 26 साल के युवक लोगों के साथ कर रहे थे साइबर ठगी. कई लोगों को लगा चुके हैं चूना….4 लाख से अधिक कैश, 6 डेबिड कार्ड मिले.
मथुरा की थाना हाईवे पुलिस ने साइबर ठगी की घटना में शामिल 05 युवाओं को अरेस्ट किया है. 21 से 23 साल की उम्र में ये शातिर साइबर क्राइम को अंजाम दे रहे थे. पुलिस ने इनके पास से को साइबर ठगी के 4,06,220/- रूपये व घटना में प्रयुक्त 07 मोबाइल व 06 डेबिट कार्ड भी बरामद किया है. इनके खातों पर एनसीआरपी पोर्टल से करीब 16 शिकायतें दर्ज हैं.
पकड़े गए शातिरों के नाम
1.सचिन कुमार पुत्र गटुआ निवासी शिवपुरी कालोनी गणेश बाग थाना राया मथुरा उम्र करीब 22 वर्ष
2.सतेन्द्र पुत्र स्व0 हरस्वरुप निवासी होल्ला थाना राया जनपद मथुरा उम्र करीब 26 वर्ष
3.संजय पुत्र सतीश निवासी ग्राम लालपुर थाना इग्लास जनपद अलीगढ उम्र करीब 23 वर्ष
4.हसीब पुत्र समीम खां निवासी बिहोई थाना इग्लास जनपद अलीगढ उम्र करीब 24 वर्ष
5.सुखवीर पुत्र सतवीर निवासी तेहरा थाना इग्लास अलीगढ उम्र करीब 21 वर्ष
इस तरह देते थे साइबर ठगी को अंजाम
अभियुक्तगण शातिर किस्म के अपराधिक है तथा पूछने पर बताया कि हम लोगों को सचिन पुत्र योगेन्द्र सिंह निवासी तिरवाया थाना राया जनपद मथुरा विभिन्न बैकों में खाते खोलने के लिए कहता था तथा यह कहता था कि जितने ज्यादा बैकों में खाते खुलवाकर हमें अपनी पासबुक, सिम, निकलवाकर दोगें तथा तुम्हारे बैक खातों में जो भी साइबर ठगी का रूपया आयेगा । उसका 10% कमीशन तुम्हे एटीएम से रूपये निकालने के बाद नगद के रूप में दिया जायेगा। हम लोगों का यह दायित्व था कि अगर हमारे बैक खाते में ठगी का रूपया आने वाला होता था तो हमें सचिन पहले ही Facebook/WhatsApp काँल के माध्यम से बता देता था कि तुम्हारे बैक खातों में रूपया आने वाला है।
रुपयों का करते थे बंटवारा
नजदीकी एटीएम पर पहुँचकर पूरा रूपया नगद के रूप में निकाल लेना है और मेरे बताने तक उस रूपया को अपने पास सुरक्षित रखना है फिर सचिन हम लोगों को माह में एक दिन निश्चित करता है कि निकाले गयें रूपयों का बटवारा किस स्थान पर होना है उसी निश्चित स्थान पर हम सभी लोग एकत्रित होकर रूपयों का कमीशन बाट लेते थे और बचा हुआ रूपया सचिन पुत्र योगेन्द्र सिह निवासी तिरवाया थाना राया जनपद मथुरा के द्वारा बताये गयें बैक खातों में एटीएम मशीन से नगद जमा कर देते है। सचिन द्वारा हम लोगों से बताया गया था कि तुम लोग कभी नही पकडे जाओगें क्योकि तुम लोगों के बैक खातों का प्रयोग दक्षिण व पश्चिम भारत के राज्यों में किया जायेगा । जहाँ की पुलिस यहाँ कभी नही आयेगी । इसीलिए हम लोगों नें भी निश्चिन्त होकर अपने व अपने साथियों के बैक खातों अलग अलग बैकों में खुलवाकर सचिन पुत्र योगेन्द्र को दे दिये थे जो हमारे बैक खातों को अन्य राज्यों में पहुँचाता है।
हम लोगों नें सचिन द्वारा एक चैन बनायी गई है। जिसमें हम सभी सदस्यों में प्रत्येक सदस्य अगले तीन सदस्यों को बैक खाता खोलवाना होता है जिसके हिसाब से हम लोगों का कमीशन बढ़ता है। इसी आधार पर हम लोगों का पूरा गैंग सक्रिय है। हम लोग पकड़े न जायें इस लिए मथुरा के अलग अलग थाना क्षेत्रों के एटीएम से रूपया निकालते है। आगे के लोगों की जानकारी सचिन पुत्र योगेन्द्र को ही है। आज हम लोगों में निकाला हुआ रूपया बाटने के लिए भरतपुर रोड पर लक्ष्मी गार्डन के पास एकत्रित होकर अपने रूपया बाँट रहे थे। मुखबिर की सूचना पर अभियुक्तगण उपरोक्त को गिरफ्तार कर लिया ।