मथुरालीक्स..वृंदावन में एक साथ हो सकेंगे सप्त देवालायों के दर्शन. बांकेबिहारी आने वाले श्रद्धालुओं के लिए रहेगी आसानी. जानें कौन से हैं वो सप्त देवालय
उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास विकास परिषद की ओर से 18 करोड़ की लागत से सप्तदेवालय सर्किट विकसित करेगा. सर्किट का उद्देश्य बांकेबिहारी मंदिर मंदिर तक आने वाले श्रद्धालुओं को आसानी से पहुंचाना. वृंदावन में करीब 4 हजार मंदिर हैं. लेकिन देश् दुनिया के ज्यादातर श्रद्धालु ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर तक ही सीमित हैं. लेकिन यहां पर प्राचीन सप्तदेवालयों का पौराणिक इतिहास वृृंदावन की धार्मिक धरोहर के रूप में सीमित है. यहां श्रद्धालुओं का आगमन कम हो पाता है. बांकेबिहारी जी के दर्शन करने आने वाले श्रद्धालुह राधा रमण मंदिर, राधा दामोदर मंदिर तक पहुंच पाते हैं लेकिन पांच देवालयों में श्रद्धालुओं की संख्या कम पहुंच पाती है. ऐसे में उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद ने इन सप्तदेवालयों का सर्किट योजना तैयार की है. 18 करोड़ की लागत से तीन किमी का मार्ग सप्तदेवालय सर्किट में बनाया जाएगा. इसमें श्रद्धालुओं के लिए खाने पीने, शौचालय सहित सीी सुविधा होंगी. इसका मुख्य उद्देश्य ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर के साथ सप्तदेवालयों तक श्रद्धालुओं को पहुंचाना है.ये है सप्त देवालय
मदनमोहन मंदिर
गोविंददेव मंदिर
गोपीनाथ मंदिर
राधारमण मंदिर
राधा दामोदर मंदिर
राधाश्यामसुंदर मंदिर
गोकुलानंद मंदिर