आगरालीक्स…10वीं की परीक्षा देते समय छात्र की बिगड़ी तबीयत, अस्पताल पहुंचने से पहले हुई मौत. मथुरा में भी 10वीं की छात्रा ने दी जान..एग्जाम का प्रेशर?
एग्जाम का समय चल रहा है. यूपी बोर्ड, सीबीएसई बोर्ड, आईसीएसई बोर्डों के एग्जाम चल रहे हैं. वहीं स्कूलों में भी एग्जाम चालू कर दिए गए हैं. एग्जाम को लेकर बच्चों में तनाव भी होता है लेकिन पेरेंट्स को ये ध्यान में रखना जरूरी है कि कहीं वो इस तनाव को कुछ ज्यादा तो नहीं ले रहे हैं. हाल ही में कुछ ऐसी घटनाएं सामने आई हैं जो कि काफी चौंकाने वाली है.मैथ का पेपर देते—देते बिगड़ी तबीयत
यूपी के कासगंज स्थित कटरा राम सिंह पुरा में रहने वाला 16 साल का कपित की हाईस्कूल बोर्ड की परीक्षाएं हैं. शुक्रवार सुबह वह सुबह की पाली में गणित का पेपर देने बलदेव बिहारी इंटर कॉलेज नगला खंजी गया था. परीक्षा के दौरान करीब 10 बजे स्कूल से उसके पिता सुभाष के पास फोन आया कि बच्चे की तबीयत अचानक खराब हो गई है और वे तुरंत स्कूल पहुंचे. स्कूल में जिला अस्पताल से डॉक्टरों की टीम पहुंची और छात्र का प्राथमिक उपचार किया लकिन कुछ ही देर बाद उसकी हालत फिर से बिगड़ गई. आनन फानन में उसे जिला अस्प्ताल ले जाया जा रहा था लेकिन रास्ते में उसकी मौत हो गई. बच्चे की मौत से परिवार में कोहराम मच गया है. मौत का कारण फिलहाल स्पष्ट नहीं हो सका है.
मथुरा में छात्रा ने किया सुसाइड
मथुरा से भी दो दिन पहले एक दुखद घटना सामने आई है. हाईस्कूल में पढ़ने वाली एक छात्रा ने आत्महत्या कर ली. बुधवार को छात्रा का शव फंदे पर लटका मिला. मृतक छात्रा का नाम अंशिका है और उसकी सीबीएसई बोर्ड की परीक्षाएं चल रही थीं. बुधवार की दोपहर मां रश्मि सिंह अपने बहन के बेटे के साथ मथुरा दवा लेने चली गई जबकि छोटी बहन पेपर देने गईथी. छोटी बहन जब वापस लौटी तो उसनेबड़ी बहन को फंदे पर लटका देखा जिससे उसकी चीख निकल गई. परिजनों ने कहा कि वह तनाव में है ऐसा महसूस नहीं हुआ. पुलिस भी पहुंच गई लेकिन कोई सुसाइड नोट नहीं मिला. छात्रा ने आत्महत्या क्यों की इसका कोई कारण फिलहाल सामने नहीं आया है.
23 फरवरी को ही फिरोजाबाद जिले में बोर्ड परीक्षा का प्रेशर और तनाव के कारण एक छात्रा की मौत हो गई. मृतका की पहचान सौम्या पुत्री संजय निवासी घरोर रोड के रूप में हुई है. वह लोक राष्ट्रीय महाविद्यालय में इंटर की छात्रा थी और वर्तमान में उसकी परीक्षाएं चल रही थीं. सौम्या अपने तीन भाइयों की इकलौती बहन थी और पढ़ाई में बहुत होशियार थी. परिजनों के अनुसार सोमवार को सौम्या का पेपर था. इसके लिए रविवार देर रात तक वह पढ़ाई करती रही और सुबह भी जल्दी उठकर तैयारी मेें जुट गई. सुबह 10 बजे अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई. डॉक्टर को दखिाने पर ब्लड प्रेशर कम होने की बात कही गई. दवा लेने के बाद परिजन उसे घर ले आए लेकिन तबीयत में सुधार नहीं हुआ. इस पर परिजनों ने उसे परीक्षा में जाने से रोक दिया जिससे सौम्या और ज्यादा तनाव में आ गई. शाम करीब चार बजे सौम्या की दोबारा तबीयत खराब हो गई. परिजन उसे आनन फानन में डॉक्टर के पास लेकर गए जहां से उसे अस्पताल ले जाने की सलाह दी गई. इलाज के लिए ले जाते समय छात्रा ने दम तोड़ दिया.