आगरालीक्स…आगरालीक्स…पाकिस्तानी सेना के 35—40 जवान व अफसर मारे गए, 9 आतंकी ठिकानों पर 100 से ज्यादा आतंकवादी भी ढेर. भारतीय सेना की सख्त चेतावनी—फिर फायरिंग की तो करारा जवाब मिलेगा.सेना की प्रेस कांफ्रेंस का देखें वीडियो
पहलगाम में आतंकी हमले के बाद भारत की ओर से शुरू किए गए आपरेशन सिंदूर में भारत ने आतंकवादियों के 9 ठिकानों को ध्वस्त किया है. इसमें 100 से ज्यादा आतंकवादी मारे गए हैं. इनमें तीन बड़े आतंकी शामिल है जो कि पुलवामा अटैक में भी शामिल रहे थे. रविवार को आपरेशन सिंदूर पर यह जानकारी सेना ने प्रेस कांफ्रेंस में दी. लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई, वाइस एडमिरल एएन प्रमोद और एयर मार्शल अवधेश कुमार भारती आपरेशन सिंदूर की जानकारी दे रहे हैं.पाकिस्तान के 35—40 जवान मारे
डीजीएसमओ जनरल घई ने कहा कि 8—9 मई की रात को पाकिस्तान ने सीमाओं के पार हमारे हवाई क्षेत्र में ड्रोन और विमान भेजने की हिमाकत की. बड़े पैमाने पर बुनियादी सैन्य ढांचे को निशाना बनाने का प्रयास किया गया लेकिन उसे असफल कर दिया गया. पाकिस्तान ने जब एलओसी पर फिर से उल्लंघन किया तो भारत ने आर्टिलरी फायरिंग से मुंहतोड़ जवाब दिया. उन्होंने बताया कि भारतीय सेना ने किसी भी पाकिस्तानी विमान को भारतीय सीमा में घुसने नहीं दिया लेकिन इस समय इतना जरूर कह सकते हैं कि भारतीय सेना ने पाकिस्तान के कई अत्याधुनिक विमानों को मार गिराया. उन्होंने कहा कि 9 और 10 मई ककी रात को भी पाकिस्तान ने एयरफील्ड और महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने की कोशिश की लेकिन भारतीय सेना ने हर हमले को नाकाम किया. भारत की गोलाबारी में पाकिस्तान सेना के 35—40 जवान मारे गए जिसमें अफसर भी शामिल हैं. पाकिस्तान ने अगर फिर से सीजफायर तोड़ा तो उसे करारा जवाब दिया जाएगा.
डीजीएसमओ ने कहा कि आप सबको पता है कि पहलगाम अटैक में किस क्रूरता से 26 लोगों को मारा गया था. लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने बताया कि आपरेशन सिंदूर साफ तौर पर आतंकवाद के साजिशकर्ताओं और उनके ठिकानों को तबाह करने के लिए किया गया था. हमनें सीमा पार टेरर कैंप को पहचाना और इन्हें नेस्तानाबू किया. उन्होंने बताया कि सीमा पार 9 ठिकानों पर हमने 100 आतंकवादी मारे. इसमें कंधार हाइजैक और पुलवामा अअैक के जिम्मेदार तीन बड़े आतंकी भी शािमल हैं.
डायरेक्टर जनरल आफ एयर आपरेशन एयर मार्शल भारती ने कहा कि पहलगाम हमले के बाद हमारे पास कोई और रास्ता नहीं था. हमने ध्यान से टारगेट का चयन किया. 9 में से 6 टारगेट एयर कैंप को दिए गए इनमें बहावलपुर और मुरीदके के टैररिस्ट कैंप भी शामिल थे. पाकिस्तानी मिलिट्री और किसी और इन्फ्रास्ट्रक्चर को टारगेट नहीं किया.