आगरालीक्स…आगरा के माही इंटरनेशनल स्कूल में हर्षोल्लास एवं भक्तिभाव से मनाया गया दीपोत्सव. बच्चों ने भारतीय संस्कृति और दीपोत्सव की भव्यता को किया जीवंत
माही इंटरनेशनल स्कूल में दीपावली का पर्व श्रद्धा, उत्साह और पारंपरिक उल्लास के साथ मनाया गया। रंग-बिरंगी रंगोलियों, आकर्षक बंदनवारों और जगमगाते दीपों से सुसज्जित विद्यालय परिसर ने भारतीय संस्कृति और दीपोत्सव की भव्यता को जीवंत कर दिया। समारोह का शुभारंभ कक्षा सातवीं एवं नौवीं के विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत विशेष प्रार्थना सभा से हुआ। विद्यार्थियों ने अपने ज्ञानवर्धक भाषणों के माध्यम से दीपावली के धार्मिक, सांस्कृतिक एवं सामाजिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि यह पर्व अंधकार पर प्रकाश, बुराई पर अच्छाई और अज्ञान पर ज्ञान की विजय का प्रतीक है।
सभा का मुख्य आकर्षण रामायण पर आधारित भावपूर्ण नृत्य-नाटिका रही। विद्यार्थियों ने भगवान श्रीराम की विजय और उनके अयोध्या आगमन के उपलक्ष्य में मनाए गए उल्लास को प्रभावशाली अभिनय, सुंदर नृत्य एवं आकर्षक प्रस्तुति के माध्यम से जीवंत किया। विद्यार्थियों की प्रतिभा और भावपूर्ण अभिव्यक्ति ने उपस्थित सभी लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। प्रार्थना सभा के पश्चात विद्यार्थियों के लिए दीप एवं बंदनवार निर्माण एवं पूजा-थाली सजावट जैसी रचनात्मक गतिविधियां आयोजित की गईं। विद्यार्थियों ने अपनी कल्पनाशक्ति और कलात्मक प्रतिभा का परिचय देते हुए आकर्षक दीप एवं सुसज्जित पूजन-थालियां तैयार कीं। इस अवसर पर रंगोली प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। विद्यार्थियों ने समूहों में विद्यालय के गलियारों और विभिन्न स्थानों पर रंगों से सुंदर एवं मनमोहक आकृतियां बनाईं। आकर्षक रंगोलियों, दीपों और पारंपरिक सजावट ने पूरे विद्यालय परिसर को उत्सवमय और आनंदमय वातावरण से भर दिया।
विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं कर्मचारियों के लिए भी एक लघु सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया गया। शिक्षकों ने कविताओं, भजनों, गीतों और नृत्य प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया तथा कार्यक्रम में विशेष उत्साह और आत्मीयता का रंग भर दिया। समारोह के समापन पर विद्यालय के चेयरमैन संजय अग्रवाल एवं मैनेजिंग ट्रस्टी मंजरी अग्रवाल ने सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं और कर्मचारियों को दीपावली के उपहार एवं मिठाइयां भेंट कीं। उन्होंने सभी को सुख, समृद्धि और मंगलमय जीवन की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति एवं परंपराओं से जोड़ने के साथ उनमें रचनात्मकता, सहयोग, सांस्कृतिक चेतना और सामाजिक सद्भाव की भावना विकसित करते हैं।