
आगरालीक्स …….नए कमरों में चीजें पुरानी कौन रखता है, परिंदों के लिए कुंडों में पानी कौन रखता है। ये तो आप हैं जो संभाले हुए गिरती दीवारों को, वरना सलीके से बुजुर्गों की निशानी कौन रखता है। रविवार रात को होटल आईटीसी मुगल में आईआईटी रूडकी के रिटायर प्रोफेसर एवं नींव विशेषज्ञ डॉ एससी हांडा ने अजुबा ए ताज दास्तां के तहत ताज पर उनके द्वारा 36 साल से की जा रही रिसर्च को शेर ओ शायरी से पेश किया। उन्होंने रोचक अंदाज में बताया कि किस तरह मीना बाजार से पनपी एक मोहब्बत आगे बढी और बुहरानपुर की युदृध् भूमि तक का पहुंची। रूहानी मोहब्बत को अमर करने के लिए मुगल बादशाह शाहजहां ने चार करोड से भी ज्यादा का खर्चा कर ताजमहल बनवाया। कार्यक्रम में शहर के गणमान्य मौजूद रहे।
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