आगरालीक्स…आगरा कॉलेज में गरिमामय, अनुशासित एवं परंपरागत उल्लास के साथ मनाया 77वां गणतंत्र दिवस…लोकतांत्रिक चेतना से ओत-प्रोत हुआ परिसर
आगरा कॉलेज, आगरा में आज भारत के 77वें गणतंत्र दिवस का आयोजन अत्यंत गरिमामय, अनुशासित एवं परंपरागत उल्लास के साथ संपन्न हुआ। यह ऐतिहासिक समारोह महाविद्यालय के मुख्य परिसर में प्रातः 9:30 बजे ध्वजारोहण के साथ आरंभ हुआ। राष्ट्रध्वज के आरोहण के साथ संपूर्ण परिसर राष्ट्रभक्ति, संविधान के प्रति निष्ठा एवं लोकतांत्रिक चेतना से ओत-प्रोत हो उठा। कार्यक्रम की अध्यक्षता आगरा कॉलेज, आगरा के प्राचार्य एवं प्रबंध समिति के सचिव प्रोफेसर सी. के. गौतम ने की। कार्यक्रम का कुशल, प्रभावशाली एवं गरिमामय संचालन हिंदी विभागाध्यक्ष प्रोफेसर सुनीता रानी घोष द्वारा किया गया।

इस गरिमामय अवसर पर इलाहाबाद उच्च न्यायालय के माननीय न्यायमूर्ति शेखर कुमार यादव मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे जनपद न्यायालय, आगरा के माननीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सत्यजीत पाठक विशिष्ट अतिथि के रूप में समारोह में सम्मिलित हुए। इसके अतिरिक्त जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय, नई दिल्ली के संस्कृत एवं इंडिक स्टडीज़ विभाग के प्रोफेसर रामनाथ झा तथा इलाहाबाद उच्च न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता श्री विश्वरूप तिवारी ने भी अपनी गरिमामयी उपस्थिति से कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। ध्वजारोहण के उपरांत सम्मानपूर्वक राष्ट्रगीत का सामूहिक गायन किया गया। इसके पश्चात सभी अतिथियों द्वारा पंडित गंगाधर शास्त्री जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया। तत्पश्चात एनएसएस इकाई द्वारा मुख्य एवं विशिष्ट अतिथियों को गार्ड ऑफ ऑनर प्रदान किया गया। महाविद्यालय की ओर से सभी अतिथियों को शॉल एवं स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया। इसके पश्चात प्रोफेसर सुनीता रानी घोष द्वारा उच्च शिक्षा निदेशक, उत्तर प्रदेश का संदेश शिक्षक एवं छात्र-छात्राओं के समक्ष वाचन किया गया।
महाविद्यालय की सांस्कृतिक समिति द्वारा प्रस्तुत कार्यक्रमों ने राष्ट्रभक्ति, त्याग एवं संविधान के मूल्यों को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया। कार्यक्रम की शुरुआत गणेश वंदना से हुई। विधि संकाय की छात्रा अदिति शर्मा ने 77वें गणतंत्र दिवस पर प्रेरक वक्तव्य प्रस्तुत किया। संगीत विभाग के प्रियांशु कृष्ण एवं तबला वादक मुरली मनोहर तिवारी द्वारा बाँसुरी के माध्यम से “राम मैंने राम रतन धन पायो” की भावपूर्ण प्रस्तुति दी गई। हिंदी विभाग के छात्र सजल जैन ने अंग्रेज़ी भाषा में प्रभावशाली भाषण प्रस्तुत किया। संगीत विभाग द्वारा प्रस्तुत समूह नृत्य में 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर में घटित घटना के संदर्भ में “ऑपरेशन सिंदूर” विषय पर संवेदनशील एवं राष्ट्रप्रेरक प्रस्तुति दी गई। इसके पश्चात “आ गया गणतंत्र दिवस” गीत पर विद्यार्थियों की प्रस्तुति हुई। विधि संकाय की छात्रा मिली शर्मा द्वारा प्रस्तुत कविता ने श्रोताओं को भावविभोर कर दिया।

अतिथियों के विचार
प्रोफेसर रामनाथ झा ने अपने उद्बोधन में भारतीय शिक्षा पद्धति को अपनाने, मैकाले की औपनिवेशिक सोच से मुक्त होने तथा भारतीय भाषा, संस्कृति एवं स्वदेशी बौद्धिक परंपरा के पुनर्स्थापन पर बल दिया। माननीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश आगरा सत्यजीत पाठक ने संविधान के 77 वर्षों की यात्रा पर आत्मचिंतन की आवश्यकता बताते हुए नागरिकों द्वारा मौलिक कर्तव्यों के पालन को गणतंत्र की सुदृढ़ता का आधार बताया। मुख्य अतिथि माननीय न्यायमूर्ति शेखर कुमार यादव ने अपने संबोधन में संविधान, राष्ट्रभावना, नैतिक मूल्यों एवं नारी सम्मान पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि वर्ष 2024 में उन्हें हाउस ऑफ लॉर्ड्स में आमंत्रित किया गया था, जहाँ उन्होंने भारत की संवैधानिक एवं सांस्कृतिक चेतना पर विचार प्रस्तुत किए। उन्होंने कहा कि आगरा कॉलेज (स्थापना 1823) आज भी शिक्षा, विचार और राष्ट्रीय चेतना के क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। उन्होंने छात्रों में देशभक्ति, नैतिकता, मौलिक अधिकारों, कर्तव्यों एवं राज्य के नीति निदेशक तत्वों के प्रति जागरूकता विकसित करने पर बल दिया तथा संविधान में निहित नारी सम्मान, अनुच्छेद 44 और भारतीय संस्कृति की आत्मा पर विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम के अंत में आगरा कॉलेज, आगरा की वार्षिक पत्रिका “वाणी–2025” (द्विशताब्दी विशेषांक) का विमोचन मुख्य एवं विशिष्ट अतिथियों द्वारा किया गया।