आगरालीक्स…G20 सम्मेलन ने पूरे विश्व को दिखाई भारत की एकता. आगरा के विवि में हुआ जी20 यूनिवर्सिटी कनेक्ट.
डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के खंदारी परिसर स्थित जेपी सभागार में आज -20 यूनिवर्सिटी कनेक्ट का आयोजन किया गया, जिसका विषय एंगेजिंग यूथ माइंड था। इस लेक्चर सीरीज में मुख्य अतिथि भारतीय विदेशी सेवा के प्रतिनिधि जे.एस.मुकुल थे। अध्यक्षता विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. आशुरानी ने की। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जी-20 समिट के आयोजन के माध्यम से देश की संस्कृति, सभ्यता और इसकी विचारधारा को पूरे विश्व को अवगत कराया है। G20 आयोजन की थीम वसुधैव कुटुंबकम है, जिसका अर्थ है कि भारत सिर्फ अपने बारे में नहीं, बल्कि विश्व बंधुत्व की सोचता है। इसके लोगों में कमल पुष्प पर पृथ्वी विराजमान है। कमल पुष्प की सात पंखुड़ियां विश्व के सात महाद्वीपों का प्रतिनिधित्व करते हैं।
आयोजन में देशभर में एक हजार से अधिक बैठक और आयोजन हुए, जिनसे देश का प्रत्येक नागरिक कहीं न कहीं जुड़ा। आगे उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के लिए जी-20 यूनिवर्सिटी कान्क्लेव आयोजित कर विद्यार्थियों को इसके बारे में बताने के साथ उनके विचार आमंत्रित किए जा रहे हैं, इससे देश को एक सोच देने में सहायता मिलेगी और वह बहुत सारी बातें जानेंगे।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि ने बताया कि भारत की अध्यक्षता में देश में हो रही जी-20 समिट की यह 18वीं बैठक बेहद महत्वपूर्ण है। साल भर पूरे देश में इससे जुड़े आयोजन करके भारत सरकार ने पूरे भारत को इससे जोड़ दिया है। इस वर्ष जी-20 समिट का ध्येय वाक्य वसुधैव कुटुंबकम है, जिसके माध्यम से भारत पूरे विश्व के साथ जी-20 समिट में आने वाले देशों के प्रतिनिधियों को अपनी सोच से अवगत कराएगा, कि यहां बाजार और भौतिकतावादिता को नहीं, परिवारवाद को महत्ता दी जाती है, जो देश की छवि को वैश्विक स्तर पर मजबूत करेगा। यह आयोजन भारत के नजरिए से इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह भारत की आजादी के अमृत काल में आयोजित किया जा रहा है। इसमें यदि समाज के प्रत्येक व्यक्ति की सहभागिता होगा, तो वह देश की वैश्विक नीतियों के साथ शिक्षा, तकनीक, अर्थ और विभिन्न क्षेत्रों के बारे में जागरूक हो सकेगा। उन्होंने जी-20 ग्रुप के बारे में बताया कि इसकी शुरूआत 2008 में हुई, इससे पहले यह जी-7 के नाम से प्रचलित था, जिसमें सात विकसित देश आर्थिक और बाजार आदि से जुड़ी अपनी आवश्यकताओं के जुड़े मुद्दों पर चर्चा करते थे। 2008 में आई वैश्विक मंदी के बाद इसे विस्तार दिया गया और विकसित देशों के साथ विकासशील देशों को भी शामिल किया गया, जिससे वहां भी विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, तकनीक आदि क्षेत्रों में सहयोगात्मक रूप से आगे बढ़ा जा सके।
आइआरएस संस्था के विदेशी सलाहकार सैयद अली ने बताया कि जी-20 समिट से लोगों को जोड़ने के लिए देशभर के 75 विश्वविद्यालयों में 53 स्थानों पर इस तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। भारत से पहले यह इंडोनेशिया में हुई थी और अगला नंबर ब्राजील का है। लेकिन इस एक वर्ष की अध्यक्षता में भारत के पास सुनहरा अवसर है कि अपनी नेतृत्वक्षमता से विश्व को अवगत कराने के साथ विश्व की तकनीत और ज्ञान के साथ आर्थिक सहयोग को प्राप्त कर देश के आर्थिक क्षेत्र व विकास को मजबूती दी जा सकती है।
आगरा कालेज के भौतिक विज्ञान विभाग के प्रो गौरांग मिश्रा ने बताया कि भारत को महाशक्ति बनाने के लिए सिर्फ सामरिक रूप से ही नहीं, मानसिक व बौद्धिक रूप से भी विकसित करना होगा। जी-20 के रूप में हमें इस लक्ष्य की प्राप्ति का एक सुनहरा रास्ता मिला है, जिससे हम वैश्विक स्तर के ज्ञान, तकनीक और संसाधनों को प्राप्त कर सकते हैं। इस बैठक में पर्यावरण संतुलन, जीवन शैली में परिवर्तन कर पर्यावरण संरक्षण, वैश्विक संचार और संपर्क, तकनीकी आदान प्रदान आदि के लक्ष्य की प्राप्ति होगी।
कार्यक्रम का सफल संचालन डीन अकादमिक प्रो. संजीव कुमार ने किया और जी-20 ग्रुप और इसकी बैठक के महत्व के उद्देश्य से विद्यार्थियों को अवगत कराया। साथ ही ये जानकारी भी उन्होंने दी कि मिनिस्ट्री ऑफ एक्सटर्नल अफेयर्स भारत ने पूरे देश से कुछ चुनिंदा 75 विश्विद्यालयों को इस आयोजन के लिए चुना है जिसमें से डॉ भीमराव आंबेडकर विश्विद्यालय आगरा एक है और इसकी समन्वयक कुलपति महोदया प्रो आशु रानी और सह समन्वयक प्रति कुलपति प्रो अजय तनेजा रहेंगे।
विश्वविद्यालय के जी-20 कोऑर्डिनेटर प्रो. लवकुश मिश्रा ने विश्वविद्यालय द्वारा जी-20 समिट की तैयारियों से लेकर अब तक विश्वविद्यालय द्वारा किए गए कार्यों की जानकारी दी। बताया कि जी-20 देशों के प्रतिनिधियों के स्वागत के लिए विश्वविद्यालय के ललित कला संस्थान के विद्यार्थियों ने एयरपोर्ट से लेकर होटल ताज कन्वेंशन तक सड़क के किनारे व खंबों पर आकर्षक चित्र बनाए और कबाड़ से कई लुभावनी आकृति भी बनाई जो अब शहर में सेल्फी पॉइंट के नाम प्रचलित है वॉकाथॉन, मैराथन, निंबध प्रतियोगिता, सेमीनार, वर्कशॉप आदि के माध्यम से भी विद्यार्थियों को इसके बारे में बताने के साथ उन्हें जागरूक भी किया गया।
विश्विद्यालय के लोकपाल प्रो. सुगम आनंद ने जी-20 ग्रुप और इस बैठक के बारे में जानकारी दी और बताया कि आयोजन क्यों इतना महत्वपूर्ण है। एमएसडब्ल्यू के छात्र राहुल और समाजशास्त्र की छात्रा पूजा यादव ने अपने विचार प्रस्तुत किए। छात्रा रूपल गर्ग, शगुन गुप्ता, छात्र विशाल सिंह,मनोज जादौन, विष्णु विवेक सिंह ने अपने प्रश्न पूछे, जिनका मुख्य अतिथि ने उत्तर दिया। धन्यवाद ज्ञापन विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति प्रो. अजय तनेजा ने देते हुए सभी का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का लाइव प्रसारण भी किया गया। प्रो. सुंदरलाल, प्रो. शरदचंद्र उपाध्याय, प्रो. बीएस शर्मा, प्रो. अनिल वर्मा, प्रो. मनोज उपाध्याय, प्रो. अचला गक्खर, प्रो. रनवीर सिंह, प्रो. बिंदुशेखर शर्मा,आदि सभी शिक्षक, कर्मचारी और छात्र मौजूद रहे।