
बीएड सत्र 2012 13 का मूल्यांकन केएमआई के तत्कालीन निदेशक प्रोपफेसर हरि मोहन शर्मा और कुलपति प्रोपफेसर मोहम्मद मुजम्मिल के करीबी आईएसएस के डॉ मोहम्मद अरशद ने कराया था। मूल्यांकन होने के बाद परीक्षापफल घोषित कर दिया गया, लेकिन चार्ट विवि को नहीं सौंपे गए। इस बीच करोडों रुपये लेकर पफेल को पास और कम नंबर प्राप्त करने वाले छात्र छात्राओं के रिजल्ट में प्रथम श्रेणी के अंक दर्ज कर दिए गए। साथ ही जिन छात्रों ने परीक्षा भी नहीं दी थी, उनके रोल नंबर जनरेट कर दिए गए।
पफूट पडने पर खुला मामला
पफर्जीवाडे में शामिल शिक्षक मोटी कमाई कर रहे थे, पैसे के बंटवारे को लेकर पफूट पड गई। एडवोकेट विजय यादव के माध्यम से इस पूरे प्रकरण की शिकायत पीएमओ से लेकर सीएम और कुलाधिपति से की गर्इ्।
प्रो हरि मोहन हैं कुलपति, डॉ अरशद गायब
इस प्रकरण के मुख्य आरोपी प्रोफेसर हरि मोहन शर्मा केएमाअई से रिटायर होने के बाद शिकोहाबाद के विवि में कुलपति हैं। जबकि डॉ अरशद भी विवि में कम ही दिखाई दे रहे हैं।
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