आगरालीक्स ..आगरा के रेनबो हॉस्पिटल में डॉक्टरों ने बताया कि ब्लड कैंसर यानि बेहद तेज और घातक बीमारी, लेकिन यह मौत का सर्टिफिकेट नहीं है। इस पर विजय हासिल की जा सकती है। मरीज फिर से स्वस्थ जिंदगी जी सकता है। यह कहना है राजीव गांधी कैंसर हाॅस्पिटल नई दिल्ली के हीमेटोलाॅजी एवं बोन मैरो ट्रांसप्लांट विभाग के अध्यक्ष डा. दिनेश भूरानी का। रेनबो हाॅस्पिटल एवं राजीव गांधी कैंसर हाॅस्पिटल के संयुक्त तत्वावधान में रेनबो हाॅस्पिटल में रविवार को हिमेटोलाॅजी शिविर लगाया गया। सुबह 10.30 बजे से आरंभ होकर अपराहन 01.30 बजे तक चले शिविर में डा. भूरानी के साथ ही राजीव गांधी कैंसर हाॅस्पिटल के ही डा. पंकज गोयल मरीजों को सेवाएं प्रदान कीं। दोनों ही चिकित्सकों ने 100 से अधिक मरीज देखे। इसमें एनीमिया, थैलीसीमिया, ब्लड डिस्क्रिसिस, ब्लड कैंसर के मरीजों की जांचें एवं परामर्श प्रदान किया।

डा. दिनेश भूरानी के बारे में
डा. दिनेश भूरानी राजीव गांधी कैंसर हाॅस्पिटल एवं रिसर्च सेंटर, नई दिल्ली के रक्त संबंधी रोगों, रक्त कैंसर एवं बोन मैरो विभाग के सुपरस्पेशलिस्ट हैं। डा. भूरानी देश के प्रथम चिकित्सक हैं जिन्होंने हिमैटोओंकोलाॅजी में डीएम की डिग्री प्राप्त की। उनके द्वारा अब तक 600 से अधिक सफल बोन मैरो ट्रांसप्लांट किए जा चुके हैं।
डा. पंकज गोयल के बारे में
डा. पंकज गोयल राजीव गांधी कैंसर हाॅस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर, नई दिल्ली में मेडिकल ओंकोलाॅजी कंसल्टेंट हैं। रीसेंट एंडवांसेज इन ब्रेस्ट कैंसर और लंग कैंसर में उनकी विशेष रूचि है।
क्या है हिमैटोलाॅजी ?
रक्त संबंधी बीमारियों के कारण, पूर्वानुमान, उपचार और रोकथाम के अध्ययन से संबंधी चिकित्सकीय प्रक्रिया को हिमैटोलाॅजी कहा जाता है। इसमें बीमारियों का इलाज करना शामिल है, जो रक्त कोशिकाओं, हीमोग्लोबिन, रक्त प्रोटीन, अस्थि मज्जा, प्लेटलेट, रक्त वाहिकाओं, प्लीहा और जमावट तंत्र पर प्रभाव डालती हैं। ऐसी बीमारियों में हीमोफीलिया, रक्त के थक्के, अन्य रक्तस्त्र्ााव विकार और रक्त कैंसर, ल्यूकोमिया, एकाधिक माइलोमा और लिम्फोमा शामिल हो सकते हैं।