
1993 में मुंबई में हुए बम ब्लास्ट में कथित रुप से दाऊद इब्राहिम, टाइगर मेमन और उसके भाई अयूब मेमन साजिश रचने वाले अहम लोग थे। इन्हें मोस्ट वॉन्टेड अपराधी भी घोषित किया गया था। याकूब के साथ 10 अन्य आरोपियों को भी विशेष टाडा कोर्ट ने 2007 में फांसी की सजा सुनाई थी, लेकिन उन लोगों की सजा को सुप्रीम कोर्ट ने उम्रकैद में तब्दील कर दी थी। इसी मामले में एक्टर संजय दत्त 6 साल की सजा भुगत रहे हैं।
257 लोगों की गर्इ् थी जान
12 मार्च 1993 को मुंबई में हुए सीरियल धमाकों में 257 लोगों की जान गई थी। उस धमाके का जिम्मेदार 53 साल का याकूब रज्जाक मेमन है। टाइगर मेमन और अंडरवर्ल्ड सरगना दाउद इब्राहिम द्वारा रची गई इस साजिश में याकूब एक अहम किरदार था, जिसने धमाकों में शामिल अन्य लोगों को हथियार, गोला, बारूद, डिटोनेटर्स आदि सप्लाई किए। याकूब ने ही धमाकों के लिए अपने मिलने वालों से 21.90 लाख रुपए भी जुटाए थे। हमले का पूरा प्लॉट तय करने के बाद, यहां तक कि कौन कहां बम रखेगा याकूब धमाके से एक दिन पहले अपने परिवार के 9 लोगों के साथ कराची फरार हो गया।
केस के ऑफिशियल रिकॉर्ड के अनुसार, सीबीआई ने उसे दिल्ली में 5 अगस्त 1994 को गिरफ्तार किया। इसके कुछ ही हफ्ते बाद टाइगर की पत्नी रुबीना सहित आठ अन्य मेमन परिवार के सदस्यों को देश में गिरफ्तार किया गया।
इसलिए दी गइ्र्र फांसी
– 1993 के मुंबई बम ब्लास्ट मामले में याकूब ने पैसों का इंतजाम और कहां, कौन बम रखेगा इसकी प्लानिंग की थी।
– बम ब्लास्ट की साजिश को अंजाम देने के लिए हवाला के जरिए याकूब ने पैसे जुटाए।
– पाकिस्तान जाकर हथियार चलाने की ट्रेनिंग लेने वालों के लिए याकूब ने टिकट का इंतजाम किया था।
– साजिश को अंजाम देने के लिए याकूब ने एक दूसरे दोषी को 85 ग्रेनेड लाकर दिए।
– धमाकों में इस्तेमाल किए गए 12 बम याकूब के घर पर ही बनाए गए थे।
– याकूब के घर से ही घटना के दिन बम धमाकों के लिए भेजे गए।
– याकूब टाइगर मेमन का भाई था और धमाकों के बाद परिवार के साथ देश से फरार हो गया था।
-1994 में दिए एक इंटरव्यू में याकूब ने बम धमाके में अपनी भूमिका स्वीकारी थी। साथ ही उसने दाऊद, टाइगर और दूसरे आरोपियों के पाकिस्तान में होने का दावा किया।
-याकूब पर अन्य आरोपियों के साथ ही टाडा कोर्ट में केस चला और उसे फांसी की सजा सुनाई गई।
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