
ऐसे बना नॉनवेज का अडडा
दरअसल, कारोबारी हिमांशु सचदेवा के यहां काम करने वाले एक कर्मचारी ने सदर में चिकिन हाउस खोला था, कर्मचारी से सभी मामा कहते थे तो चिकिन हाउस का नाम भी मामा चिकिन हाउस पड गया। कई साल पहले यह एक खोखे में संचालित था, कर्मचारी नेपाल का रहने वाला था, वह कुछ दिन चिकिन हाउस को चलाकर यहां से चला गया। इसके बाद हिमांशु सचदेवा ने सदर में मामा चिकिन, मामा फ्रेंकी हाउस के नाम से इसे विस्तार दिया। अब यह आगरा में नॉनवेज का सबसे बडा अडडा बन चुका है। सदर के बाद इसकी ब्रांच शहर के बीचों बीच संजय प्लेस में खोली गई, यहां ग्राहकों की संख्या बढने पर मामा पफ्रेंकी के बगल में संचालित गांधी आश्रम सहित संजय प्लेस कमेटी ने विरोध शुरू कर दिया था।
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