आगरालीक्स… आगरा का एसएसन मेडिकल कॉलेज टीबी की नई दवा से मरीजों का इलाज करने वाला प्रदेश का पहला मेडिकल कालेज बना।
मंगलवार को एसएन मेडिकल कालेज के टीबी एवं चेस्ट विभाग में टीबी की नई दवा (Delamanid) से मरीजों का इलाज शुरू किया गया। इस दवा को बच्चों में एमडीआर टीबी मरीजों को दिया जा सकेगा। इससे उन्हें रिकवर होने में काफी सहूलियत होगी। खास बात यह है कि इस दवा को 6 से 17 साल के बच्चों के इलाज में भी प्रयोग किया जा सकेगा।
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. यूबी सिंह, प्राचार्य डॉ. संजय काला और डॉ. संतोष नें 16 वर्षीय मरीज को दवा खिलाकर लॉन्च किया । दवा के लॉन्च में एसएन मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजय काला, जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. यूबी सिंह, टीबी एंड चेस्ट डिपार्टमेंट के विभागाध्यक्ष डॉ. संतोष कुमार, बाल रोग विभाग के प्रोफेसर डॉ. नीरज यादव, डा. जीबी सिंह, डॉ. मोना वर्मा, डॉ.कोमल जिला पीपीएम समन्वयक कमल सिंह,अरविंद कुमार, जिला पीएमडीटी समन्वयक शशिकांत पोरवाल,पंकज सिंह टीबी विभाग के अन्य डॉक्टर्स और स्टाफ सहित सीफार संस्था से राना बी उपस्थित रहीं।
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. यूबी सिंह ने बताया कि टीबी की नई दवा एमडीआर मरीजों के लिए काफी कारगर सिध्द होगी। उन्होंने बताया कि इससे पहले टीबी के एमडीआर मरीजों के लिए जिस दवा का उपयोग किया जाता था, उसे बच्चों को नहीं दिया जा सकता था। लेकिन नई दवा के आने से अच्छी बात यह है कि इसे एमडीआर के कम उम्र के बच्चों के लिए ज्यादा प्रभावी साबित होगी। इस दवा की एक खुराक की कीमत 3200 रुपये है, इसे मरीजों को मुफ्त दिया जाएगा। यह दवा बाजार में उपलब्ध नहीं होगी, केवल टीबी विभाग द्वारा ही इसे मरीजों को दिया जाएगा.
टीबी एंड चेस्ट विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. संतोष कुमार ने बताया कि पूरे प्रदेश में आगरा एेसा पहला शहर है जहां पर इस दवा को लॉन्च किया जा रहा है। इससे पहले लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस दवा को लॉन्च किया था। उन्होंने बताया कि आगरा के मरीजों के लिए यह दवा काफी कारगर साबित होगी। इस दवा को दो साल तक लगातार दिया जाएगा। इससे एमडीआर के मरीजों का 80 फीसद तक रिकवर होने का चांस होता है