
परिवहन आयुक्त के. रविंद्र नायक ने अलीगढ़, गौतमबुद्धनगर, मथुरा, फिरोजाबाद व आगरा के अफसरों को भेजे पत्र में कहा है कि एक्सप्रेस-वे पर वाहनों की ओवर स्पीडिंग और डेंजर्स ड्राइविंग यात्रियों के जीवन को खतरे में डाल रही है। ऐसा इन जिलों के अधिकारियों की उदासीनता से हो रहा है। उन्होंने 2012 में जारी शासनादेश का हवाला देते हुए कहा है कि अव्यावसायिक हल्के वाहनों की अधिकतम गति सीमा 100 किमी प्रति घंटा, भारी वाहन के लिए 60 किमी प्रति घंटा निर्धारित की गई है, इसका पालन नहीं हो रहा है। इससे ज्यादा गति से दौडऩे वाले वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। अब ऐसे वाहन चालकों के खिलाफ मोटर गाड़ी अधिनियम 1988 में कार्रवाई कर बिना चालान व दंड के आगे न जाने दिया जाए।
Leave a comment