आगरालीक्स… आगरा के डॉ भीमराव अंबेडकर विवि में छात्र नेताओं ने चीफ प्रोक्टर के साथ धक्कामुक्की की, गार्ड को पीटा, छात्र नेताओं पर पर्स चोरी करने के मामले में थाने में तहरीर दी जा रही है।
विवि के आवासीय संस्थान में पढ रहे छात्रों का परीक्षा शुल्क 500 रुपये बढा दिया है, इसके विरोध में एबीवीपी, एनएसयूआई और सपा छात्र सभा के नेताओं ने विवि में प्रदर्शन किया। सुबह 11 बजे छात्र नेता कुलसचिव कार्यालय पहुंच गए और नारेबाजी करने लगे।
कुलपति और कुलसचिव लापता के लगाए पोस्टर
छात्र नेताओं ने कुलपति और कुलसचिव लापता के पोस्टर लगा दिए, उनका ज्ञापन लेने के लिए पहुंचे चीफ प्रॉक्टर डॉ मनोज श्रीवास्तव ने छात्र नेताओं से पोस्टर हटाने के लिए कहा, उन्होंने नारेबाजी शुरू कर दी, चीफ प्रॉक्टर ने सुरक्षा कर्मियों की मदद से पोस्टर हटा दिए, इसे देख छात्र नेता सुरक्षा कर्मी से भिड गए, उसकी पिटाई लगा दी। चीफ प्रॉक्टर डॉ मनोज श्रीवास्तव के साथ धक्कामुक्की कर दी, उन्हें बमुश्किल छात्र नेताओं के बीच से निकाला जा सका।
पर्स चोरी की तहरीर
इस दौरान सिक्योरिटी इंचार्ज सूबेदार सिंह का पर्स चोरी हो गया, उसमें सात हजार रुपये और आईडी कार्ड था, इस मामले में थाने में तहरीर दी जा रही है।
खंदारी परिसर में भिडे डीन
आगरा के डॉ भीमराव अंबेडकर में गुरुओं में विवाद, छात्र बोले एक दूसरे के साथ की मारपीट, छात्रों ने किया हंगामा।
विवि के खंदारी परिसर के इंजीनियरिंग संस्थान में फूलों के इस्तेमाल के लिए प्लांट लगा है, इसका काम संस्थान के शिक्षक डॉ आलोक कुमार को दिया गया है। यहां के निदेशक डॉ वीके सारस्वत और डॉ आलोक कुमार में विवाद चल रहा है। संस्थान में कई दिन से फार्मेसी विभाग के निदेशक डॉ ब्रजेश तिवारी डॉ आलोक कुमार से मिलने आ रहे थे।
अभद्र भाषा बोलने पर विवाद
इंजीनियरिंग संस्थान में शुक्रवार दोपहर में डॉ ब्रजेश तिवारी पहुंचे, उन्हें साथ लेकर डॉ वीके सारस्वत प्लांट दिखाने गए। यहां दोनों के बीच विवाद हो गया। फार्मेसी विभाग के छात्रों का आरोप है कि डॉ वीके सारस्वत ने उनके संस्थान के निदेशक डॉ ब्रजेश तिवारी के साथ गाली गलौज करने के बाद मारपीट कर दी, इसके बाद संस्थान से बाहर निकाल दिया।
छात्रों ने किया हंगामा
फार्मेसी विभाग के छात्र अपने डीन डॉ ब्रजेश तिवारी के साथ मारपीट की जानकारी होते ही इंजीनियरिंग संस्थान पहुंच गए। उन्होंने हंगामा किया, डॉ वीके सारस्वत ने उन्हें बताया कि ब्रजेश तिवारी डॉ आलोक कुमार के पास आ रहे थे। वे छात्रों को पढाते नहीं हैं इसलिए उन्हें प्लांट का प्रभारी बना दिया गया है। उन्होंने अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया था, इसके बाद उन्हें संस्थान से बाहर जाने के लिए कह दिया, मारपीट के आरोप गलत हैं।