आगरालीक्स… रंगों का त्योहार होली नजदीक आ गया है। होलिका दहन की अग्नि से हिंदू पंचांग के अनुसार आने वाले साल का भविष्य भी जाना जाता है। आगरालीक्स में जानिए विस्तृत जानकारी।
श्री गुरु ज्योतिष शोध संस्थान अलीगढ़ के अध्यक्ष एवं ज्योतिषाचार्य पं. हृदय रंजन शर्मा ने बताया कि होलिका दहन रंगवाली होली से एक दिन पहले शाम को किया जाता है। मान्यता है कि इस दौरान भविष्य का अंदाजा लग जाता है। इस साल 2021 में सामूहिक या चौराहे वाली होलिका का दहन 28 मार्च की शाम को 06:33 बजे से रात्रि 10:57 तक और घरों वाली होलिका दहन रात्रि 03:35 से प्रातः05:45 तक होगा।
होलिका दहन पर की जाती है सुख–समृद्धि की कामना
होलिका दहन के समय लोग एक जगह आकर आग में आहुति देते हैं। होलिका में कच्चे आम, नारियल, सप्तधान्य, चीनी के बने खिलौने, नई फसल का कुछ भाग गेहूं, चना, मसूर आदि की आहुति दी जाती है। साथ ही रोग-दोषों से निवृत्ति, सभी प्रकार से सुख- समृद्धि बनी रहे। लाभ उन्नति की कामना भी की जाती है।
साल का अंतिम त्योहार होता है
हिंदू पंचांग के अनुसार यह वर्ष का अंतिम प्रमुख त्योहार है, जो आने वाले साल की सूचना भी देता है। मान्यता है कि होलिका की अग्नि से आने वाले साल का भविष्य भी जाना जाता है, इसका अंदाजा आसानी से होलिका दहन की अग्नि से लगाया जा सकता है।
पुरवइया चले तो शुभ शगुन
-शास्त्रों में कहा गया है कि होलिका दहन के समय हवा पूर्व दिशा से चले यानी पुरवइया चले तो यह बहुत ही अच्छा शुभ शगुन होता है। पूर्व की दशा को देवी देवताओं की दशा कहा गया है। साल भर खुशहाली भरा माहौल रहता है। राजा प्रजा सभी को पूरे साल खुशहाली उन्नति रहती है।
दक्षिण की ओर हवा चले तो तेज गर्मी
-अगर होलिका के समय दक्षिण दिशा की तरफ हवा चले तो अपशगुन मानी जाती है ऐसी मान्यता है कि इससे फसलों को नुकसान होता है। गर्मी तेज पड़ती है वर्षा कम होती है। महंगाई की मार रहती है। राज्य की सत्ता भंग होने के चांस बन जाते हैं, जनता में असंतोष बढ़ जाता है।
उत्तर की ओर हवा आर्थिक उन्नति की सूचक
-होलिका दहन के समय उत्तर की ओर से हवा चलने लगे तो यह बहुत ही शुभ माना जाता है। उत्तर दिशा धन के स्वामी कुबेर की दिशा है। इस दिशा को धन की दिशा भी कहते हैं, माना जाता है कि इससे पूरे साल आर्थिक क्षेत्र में उन्नति बढ़ेगी धन-वैभव. सुख समृद्धि रहेगी।
धुआं आकाश की ओर उड़े तो बदलाव के संकेत
होलिका दहन के समय अग्नि का धुआं सीधा आकाश की ओर जाने लगे तो यह बदलाव का सूचक है। यह संकेत है कि जिस व्यक्ति और शासक का वर्चस्व समाज घर पर और राजनीति में है उसकी सत्ता जाने वाली है नई सत्ता और नई सरकार आने वाली है।