
डेढ महीने पहले फर्रुखाबाद निवासी रामा ने अपनी दस वर्षीय बेटी मोनिका को सिर में दर्द होने की शिकायत पर एसएन मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया। यहां न्यूरोसर्जन डॉ सौरभ शर्मा ने सिर में पानी भरा होने पर आॅपरेशन कर दिया, इसके बाद डॉक्टर देखने नहीं आए। डेढ महीने से मोनिका हॉस्पिटल के बेड पर तड़प रही है। उसके सिर से पानी निकल रहा है जिसकी वजह से दिन में कई बार बेडशीट बदलनी पड़ती है।
सोशल मीडिया पर बिटिया की तडप
सामाजिक कार्यकर्ता नरेश पारस बच्ची के इलाज के लिए एसएन के अधिकारियों के पास भी पहुंचे लेकिन कोई देखने नहीं पहुंचा। उन्होंने दर्द से तड़प रही बच्ची की व्यथा सोशल मीडिया फेसबुक पर पोस्ट की है।
एसएन में नौकरी और प्राइवेट प्रैक्टिस
अधिकांश कांट्रेक्ट पर कार्यरत डॉक्टर प्राइवेट प्रैक्टिस पर पाबंदी न होने के चलते निजी हॉस्पिटल में सेवाएं दे रहे हैं। न्यूरोसर्जन डॉ सौरभ शर्मा दो निजी हॉस्पिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं, एसएन में वे कुछ ही देर के लिए आते हैं। इस मामले में प्राचार्य डॉ एसके गर्ग ने बताया कि नई सर्जरी बिल्डिंग में मरीजों को शिफृट किया जा रहा है, इसलिए इलाज नहीं मिल सका होगा।
निलंबन के बाद भी डॉक्टर बेखौफ
तीन नवजात की मौत के बाद दो डॉक्टर निलंबित कर दिए गए थे, इसके बाद भी एसएन के डॉक्टर बेखौफ हैं। उनकी प्राथमिकता प्राइवेट प्रैक्टिस है, वे एसएन में खानापूर्ति के लिए ही आते हैं।
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