आगरालीक्स ….आगरा का लाल सीमा पर पाक गोलाबारी में शहीद हो गया है, वे इकलौते बेटे थे, 23 साल के हर्षित सिंह भदौरिया के शहादत की खबर आते ही शोक की लहर दौड पडी। उनके चाचा मनोज का कहना है कि उसकी कुर्बानी का सरकार को पाकिस्तान से बदला लेना चाहिए।
हर्षित के पिता राजकुमार भदौरिया राजस्थान के बांसवाड़ा में कपड़ा मिल में काम करते हैं। मां ज्योति सिंह निजी स्कूल में प्रधानाचार्य हैं। हर्षित इनका इकलौता बेटा था। ये लोग मूल रूप से क्वारी गांव (बाह के पास) के हैं लेकिन काफी समय से बांसवाड़ा में ही रह रहे हैं।
हर्षित 2014 में राजपूत रेजीमेंट में भर्ती हुए थे। पहली पोस्टिंग पंजाब के भटिंडा में हुई थी। इन दिनों कुपवाड़ा में तैनात थे। शुक्रवार की रात कुपवाड़ा के पास पेट्रोलिंग कर रहे थे तभी सीमा पार से मोर्टार से हमला हुआ। इसमें वह वीरगति को प्राप्त हुए। उन्हें क्वारी गांव में लोग मुकेश कहकर बुलाते थे। उनकी शहादत की खबर आते ही पूरे गांव में शोक की लहर है। परिवार के लोग जम्मू कश्मीर के लिए रवाना हो गए।
राजकुमार के दो बच्चों में बड़ा हर्षित था। वे उनकी शादी की सोच रहे थे। उसकी छोटी बहन जिज्ञासा बीएड कर रही है।
फाइल फोटो
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