मथुरालीक्स…क्या श्री बांकेबिहारी मंदिर की इमारत कमजोर हो रही है. एएसआई रिपोर्ट में खुलासा—छज्जों और दीवारों में आ चुकी हैं दरारें…
वृंदावन के श्री ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में देश के कोने—कोने से श्रद्धालु दर्शन को पहुंचते हैं. भक्तों की भारी भीड़ हर रोज यहां होती है. इस समय पुरुषोत्तम मास चल रहा है और हजारों की संख्या में श्रद्धालु यहां आ रहे हैं. मंदिर की गलियां कुंज हैं और गलियों में बने दुकानों व घरों के छज्जे जर्जर हो चुके हैं. मंगलवार को निकास द्वार के पास गली में एक भवन का छज्जा गिरने से नौ श्रद्धालु घायल हो गए थे लेकिन ये खतरा अभी भी है. गलियों में मौजूद भवन और दुकानें ही नहीं बल्कि बांकेबिहारी मंदिर की बिल्डिंग भी जर्जर और कमजोर हो रही है. इसके छज्जों और दीवारों में दरारें आ चुकी हैं.मीडिया रिपोर्ट के अनरुसार यह खुलासा हाई पावर्ड कमेटी के निर्देश पर एएसआई की जांच में हुआ हे. एएसआई के तकनीकी सर्वेक्षण में भवन की नींव और संरचना कमजोर पाई गई है. एक साल पहले भी एएसआई ने मंदिर का सर्वेक्षण किया था लेकिन उसकी रिपोर्ट पर मंदिर की मजबूती के लिए कोई उपाय नहीं किए गए. एएसआई की रिपोर्ट में कहा गया है कि सबसे ऊपर की छत पर जाने के लिए पत्थर की दीवार में लोहे की सीढ़ियां बनाई गई हैं. मंदिर परिसर में बिना किसी सुनियोजित ढंग से पाइप, लोहे की रॉड रखने और बेठने की जगह बना दी गई हैं. परिसर छोटा होने के कारण भीड़ से मंदिर को क्षति पहुंचने की आशंका है.
ये सिफारिशें की गईंमंदिर की छत पर भार कम किया जाए
पानी की टंकियों, आरओ और लोहे के भारी गर्डर तत्काल हटाए जाएं
आपातकालीन मरम्मत की जाए
लटके, दरारों वाले छज्जे, बालकनी पर सपोर्ट दिया जाए
प्रथम तल से रसोई और प्रशासनिक अधिकारी के कार्यालय शिफ्ट किया जाए
मंदिर के चारों तरफ के रासते चौड़े किए जाएं ताकि श्रद्धालु सुगमता से परिक्रमा कर सकें.